वाराणसी। रिवर रैंचिंग के तहत इस वर्ष गंगा में पांच लाख मछली के बच्चे छोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। मत्स्य विभाग की ओर से बीते नौ मई को 50 हजार मछली के बच्चे गंगा में छोड़े जाएंगे। इसके बाद अगले छह माह में दो लाख और मछली के बच्चे छोड़ने की तैयारी है।
उप निदेशक मत्स्य एनएस रहमानी ने बताया कि नदियों में बढ़ते प्रदूषण के जैव नियंत्रण के लिए पिछले साल जलीय प्रदूषण को कम करने और जलीय पर्यावरण को संतुलित करने के उद्देश्य से देश की प्रमुख नदियों में मत्स्य संपदा बढ़ाने के लिए रिवर रैंचिग की शुरुआत की गई है। इसके तहत पिछले साल एक लाख 25 हजार से मछली के बच्चे गंगा में छोड़े गए थे। अब इस वर्ष गंगा में पांच लाख और मछली के बच्चों को छोड़ने का लक्ष्य निर्धारित है। इसमें 50 हजार बच्चे छोड़े जा चुके हैं। दो लाख के करीब बच्चे अगले छह माह में छोड़ने की तैयारी है। आराजीलाइन के कृष्णदत्त पुर स्थित हैचरी में रोहू कतला और नैन के बच्चे तैयार किए जा रहे हैं।