5 जुलाई को पीड़ित ने चौबेपुर थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसकी करीब 17 वर्षीय भतीजी का अपहरण कर लिया और उसे एक लाख रुपये में बेचकर जबरन विवाह करा दिया। इस बीच किशोरी ने किसी तरह बुलंदशहर से अपने चाचा को फोन कर आपबीती बताई। एडीसीपी लिपि नागायच ने बताया कि कमौली निवासी शिवचंदी, उसकी पत्नी मैना देवी और बिचौलिया राहुल भारद्वाज ने किशोरी का अपहरण किया।
राहुल मैना देवी को अपनी चाची बताकर किशोरी को अपने साथ ले गया। इसके बाद दो दिन तक उसने किशोरी को अपने पास रखा। इस दौरान किशोरी को यह याद नहीं रहा कि वह राहुल से कैसे मिली। इसके बाद उसे कानपुर, अलीगढ़ और मथुरा होते हुए बुलंदशहर ले जाया गया, जहां 27 जून को मोहित से उसकी शादी करा दी गई। किशोरी को यह जानकारी नहीं थी कि उसे एक लाख रुपये में बेच दिया गया है।
किशोरी ने कहा, मेरे पति को छोड़ दिया जाए : पति मोहित को छोड़ने के लिए किशोरी ने पुलिस से गुहार लगाई। उसने कहा कि उसके पति ने उसके साथ गलत व्यवहार नहीं किया है, इसलिए उन्हें छोड़ दिया जाए। हालांकि, नाबालिग से विवाह, पॉक्सो अधिनियम और अपहरण समेत अन्य धाराओं में दर्ज मुकदमे के चलते पुलिस ने राहत नहीं दी।
लापरवाही बरतने पर चिरईगांव चौकी प्रभारी निलंबित
महिला संबंधी गंभीर अपराधों में कार्रवाई न करने और अपने दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही बरतने के आरोप में चिरईगांव चौकी प्रभारी महेश मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। चौबेपुर थाना के चौकी चिरईगांव क्षेत्र में एक आवेदक ने अपनी भतीजी की गुमशुदगी की सूचना चौकी पर दी थी।
आरोप है कि प्रार्थना-पत्र मिलने के बाद भी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और न ही गुमशुदा की तलाश के लिए कोई ठोस या सार्थक प्रयास किए। पूरे मामले की जांच सहायक पुलिस आयुक्त सारनाथ ने की। 11 जुलाई 2026 को सौंपी गई जांच में चौकी प्रभारी को दोषी पाया गया।
आशंका है कि ये लोग पहले भी किशोरियों का अपहरण कर उन्हें बेचने जैसी वारदातों में शामिल रहे हैं। जांच में सामने आया है कि बुलंदशहर के मोहित ने 50 हजार रुपये राहुल के खाते में भेजे थे, जबकि 50 हजार रुपये नकद शिवचंदी और मैना देवी को मिले थे। - प्रमोद कुमार, डीसीपी वरुणा