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UP: प्रदेश में पहली बार...1.2 किलोग्राम के बच्चे के दिल में छेद की सर्जरी, ऐसे डाली डिवाइस; वेंटिलेटर पर नवजात

Thu, 19 Mar 2026 05:07 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: बीएचयू अस्पताल के चिकित्सकों ने करीब छह घंटे तक नवजात की सर्जरी की। हृदय रोग विभाग में उसे भर्ती किया गया था। उसके के फेफड़े और शरीर के अन्य भागों में खून का प्रवाह बनाए रखने वाली नस पूरी तरह बंद नहीं थी।
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बीएचयू अस्पताल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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BHU Varanasi: बीएचयू अस्पताल में डॉक्टरों ने 1.2 किलोग्राम वजन वाले बच्चे के दिल में छेद की दूरबीन विधि से सर्जरी की है। करीब छह घंटे तक चली सर्जरी के दौरान बच्चे के दिल में एक डिवाइस लगाई गई है। इसका नाम पिक्कोलो है। फिलहाल उसे एनआईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है। 

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हृदय रोग विभागाध्यक्ष प्रो. विकास अग्रवाल के मुताबिक आईएमएस बीएचयू प्रदेश का पहला चिकित्सा संस्थान है, जहां 1.2 किलोग्राम वजन वाले बच्चे की दूरबीन विधि से सर्जरी की गई। इसमें इसी संस्थान के विशेषज्ञ शामिल रहे। इसके पहले लखनऊ में हुई इसी तरह की सर्जरी में बाहर के विशेषज्ञों को बुलाना पड़ा था।

डॉ. प्रतिभा ने किया भर्ती

बीएचयू अस्पताल में जिस बच्चे की सर्जरी की गई, उसका जन्म समय से पहले सात महीने में हुआ था। जन्म के बाद से ही उसे समस्या हुई तो परिजनों ने पहले 15 दिन तक दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया। जब राहत नहीं मिली तो बीएचयू अस्पताल के हृदय रोग विभाग में लेकर आए। यहां आने के बाद डॉ. प्रतिभा ने बच्चे को देखा और भर्ती करने का निर्णय लिया। 

जब जांच कराई गई तो पता चला कि बच्चे के फेफड़े और शरीर के अन्य भागों में खून का प्रवाह बनाए रखने वाली नस पूरी तरह बंद नहीं थी। इसे चिकित्सकीय भाषा में पीडीए कहते हैं। जन्म के बाद सामान्य बच्चों में यह नस बंद हो जाती है, लेकिन प्री-मेच्योर बेबी (समय से पहले जन्मे बच्चे) में इस नस के बंद होने में दिक्कत होती है।

उन्होंने बताया कि दूरबीन विधि से सर्जरी कर बच्चे के दिल में एक डिवाइस डालकर उस नस को बंद किया गया। इसके बाद रक्त का प्रवाह सामान्य तरीके से होता रहेगा। डॉ. प्रतिभा ने कहा कि समय से पहले जन्मे बच्चों में पीडीए संबंधी समस्या होने पर जल्द से जल्द उसे बड़े चिकित्सा संस्थान में भर्ती करवाना चाहिए, इससे उसका बेहतर इलाज हो सकेगा। आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने सर्जरी करने वाली टीम को बधाई दी।
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टीम में ये चिकित्सक रहे शामिल
सर्जरी करने वाली टीम में हृदय रोग विभाग से प्रो. विकास अग्रवाल, डॉ. प्रतिभा राय, डॉ. प्रताप, डॉ. नितेश, सीटीवीएस विभाग से प्रो. सिद्धार्थ लाखोटिया, एनेस्थीसिया विभाग से प्रो. एपी सिंह, डॉ. प्रतिमा, डॉ. संजीव, डॉ. अमृता शामिल रहीं। इसके अलावा नवजात देखभाल में डॉ. अनु, डॉ. स्वाति, डॉ. केशवन, डॉ. सोम ने भी अहम भूमिका निभाई।
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