इस बार दीपावली पर बाजार में पटाखे कम बिकते दिखें और धूम-धड़ाम भी कम सुनाई दे तो चौंकिएगा नहीं। दरअसल, एक जुलाई से लागू जीएसटी में पटाखों पर टैक्स 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 28 प्रतिशत कर दिया गया है।
इस कारण त्योहार से एक महीना पहले पटाखा मंगाने वाले थोक कारोबारियों ने अभी तक आर्डर ही नहीं दिया है। जो कारोबारी पहले आर्डर दे चुके थे, कम बिक्री की आशंका में उन्होंने ऐन मौके पर इसमें कटौती कर दी है।
दालमंडी में पटाखे की दुकानें एक महीने पहले सजने लगती थीं लेकिन इस बार उत्साह नजर नहीं आ रहा। दुकानदारों का कहना है कि बड़े कारोबारी हर साल पांच से छह करोड़ का पटाखा मंगाते थे। इस साल उनको डर है कि महंगाई के कारण उनका माल डंप हो सकता है।
अब तक हर साल पटाखों के दाम में पांच से दस प्रतिशत तक की वृद्धि होती थी। 28 प्रतिशत जीएसटी लगने से पटाखों के दाम इस बार बढ़ जाएंगे। मो. रेहान, अनीस, राजेश आदि की मानें तो दीपावली पर पटाखों के कारोबार में इस बार इसमें गिरावट आना तय है।
दिवाली पर इस बार में वाराणसी में 18 स्थानों पर 660 काउंटर से पटाखे बिकेंगे। शहर के चारों एसीएम, सिटी मजिस्ट्रेट और पुलिस की रिपोर्ट के बाद इस सूची को डीएम के पास भेज दिया गया है।