तीन कर्मियों को निलंबित करके जिम्मेदारों की गर्दन बचाई गई। रेल कर्मियों ने बताया कि आग से बचाव की कोई व्यवस्था नहीं है। यदि पार्सल की पेटियों में आग पकड़ी होती तो फिर कामायनी एक्सप्रेस के यात्रियों की जान पर भी बन आती। जगह-जगह पार्सल रखे रहते हैं, जहां आग से बचाव की कोई व्यवस्था नहीं है।
कैंट रेलवे को पत्र लिखेगी सिगरा पुलिस, दोबारा न हो ऐसी घटना
आग के कारणों की जांच सिगरा पुलिस भी कर रही है। रोडवेज चौकी इंचार्ज इसके लिए नामित किए गए हैं। निलंबित केयर टेयर आनंद लाकड़ा, रेलवे बिजली विभाग और इंजीनियरिंग विभाग के कर्मियों से बयान लिए जाएंगे। वहीं, सिगरा पुलिस कैंट रेलवे को पत्र भी लिखेगी कि आग से बचाव के मुकम्मल इंतजाम हो। ताकि दोबारा इस तरह ही घटना की पुनरावृत्ति न हो। चौकी इंचार्ज की जांच में अब तक शॉर्ट सर्किट की ही बात सामने आई है।
आग की भेंट चढ़े वाहन को लेकर रेल कर्मियों ने रविवार को कैंट स्टेशन पर बने हेल्प डेस्क पर अपना नाम, पता और वाहन के नंबर नोट कराए, जिन कर्मियों के वाहन नहीं जले थे, उन्हें वाहन ले जाने की अनुमति दी गई। 25 दुपहिया वाहन सुरक्षित बचा लिए गए थे। जिनकी बाइक जली है वह मुआवजे को लेकर चिंतित हैं। क्योंकि इसमें अधिकतर रेल कर्मियों के वाहन का इंश्योरेंस फेल हैं। सोमवार और मंगलवार तक हेल्प डेस्क संचालित होगा।