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वाराणसी: शार्ट सर्किट से दो मंजिला मकान में लगी भीषण आग, छत से कूद कर परिजनों ने बचाई जान, नकदी-जेवर जलकर खाक

Wed, 22 Dec 2021 02:33 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी के किरहिया निवासी जयप्रकाश विश्वकर्मा के दो मंजिला मकान में बुधवार तड़के आग लग गई। आग की इस घटना में कोई हताहत तो नहीं हुआ लेकिन लाखों के सामान जलकर खाक हो गए। 
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आग से जलकर राख दुकान में रखा सामान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी के खोजवा क्षेत्र के किरहिया चौराहे के समीप बुधवार तड़के साढ़े तीन बजे दो मंजिला मकान में भीषण आग लग गई। घर के अंदर सो रहे लोगों की जब तक नींद खुलती तबतक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। उन्होंने बगल के मकान की छत पर कूद कर अपनी जान बचाई। आग की चपेट में आने से घर में रखे लाखों के जेवरात समेत कई हजार नकद खाक हो गए।

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आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। सूचना के करीब एक घंटे के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौक पर पहुंची। इससे पहले स्थानीय लोगों ने पानी डालकर आग पर काबू पाने की भरसक कोशिश की।  मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने आग पर काबू पाया। 

किरहिया निवासी लालचंद विश्वकर्मा के दो बेटे हैं। दोनों का मकान अगल-बगल में हैं। लालचंद छोटे बेटे जयप्रकाश के साथ रहते हैं। ग्राउंड फ्लोर पर जयप्रकाश बाइक सर्विस सेंटर चलाता है। सर्विस सेंटर में  कई दो पहिया वाहन खड़े थे। जयप्रकाश के मुताबिक, उसने रोजाना की तरह सर्विस सेंटर बंद की और दूसरे मंजिल पर स्थित अपने कमरे में पत्नी संगीता और बच्चे के साथ सोने चला गया। 

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पड़ोसियों ने बचाई पति-पत्नी और बच्चे की जान

बुधवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे बजे दुकान में शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। आग फैलते हुए दूसरे तल तक पहुंच गया। धुएं से दम घुटने पर सभी की नींद खुली। जयप्रकाश और उसकी पत्नी बच्चे को लेकर सुरक्षित निकलने के लिए सीढ़ी की तरफ गए तो वो आग की चपट में आ चुका था।

इसके बाद सभी छत पर गए और पड़ोसी (जयप्रकाश) के घर से होकर किसी तरह नीचे उतरे। पड़ोसियों ने खूब मद की। आग के कारण घर की दीवारें और छत फट गई। आग की चपेट में पूरी गृहस्थी जलने के बाद भी लालचंद और उनके बेटे और बहू एक बात कह रहे थे कि भइया पड़ोसी भगवान बनकर बचा लिए। वरना चार लोग जिंदा जलकर मर गए होते। लाखों का नुकसान हुआ है मगर तकलीफ नहीं है। 
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लालचंद और उनके बेटे जयप्रकाश का आरोप रहा कि सूचना देने के एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड की टीम एक घंटे की दरी से पहुंची। आरोप लगाया टीम ने जयप्रकाश को ही पानी का पाइप थमा दिया। 
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