आग लगने पर क्या करें और क्या न करें : एडीजी ने बताया कि आग लगने की स्थिति में कभी भी लिफ्ट का इस्तेमाल न करें। यदि तेल से आग लगी हो, तो उस पर पानी बिल्कुल न डालें। ऐसी आग को बुझाने के लिए बालू, मिट्टी या उपयुक्त अग्निशमन यंत्र का ही प्रयोग करें। भवन में आग लगने पर घबराकर छलांग न लगाएं। सुरक्षित मार्ग और आवश्यकता पड़ने पर गीले कपड़े का सहारा लें। यदि किसी व्यक्ति के कपड़ों में आग लग जाए, तो उसे दौड़ने न दें। उसे कंबल ओढ़ाकर या जमीन पर लौटने के लिए प्रेरित करें।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष निर्देश : गर्मी के मौसम में गांवों के सूखे तालाबों को ट्यूबवेल या नहर के पानी से भरवाया जाए। एडीजी जोन ने नागरिकों से इन नियमों के प्रति खुद भी जागरूक होने की अपील की है। साथ ही, दूसरों को भी जागरूक करने का आग्रह किया है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबरों फायर ब्रिगेड 101, एंबुलेंस सेवा 108, पुलिस के लिए डायल-112 पर सूचना देने को कहा गया है।
घरेलू और सामान्य सावधानियां
एडीजी जोन ने बताया कि घरों में रसोई में भोजन बनाने के बाद गैस रेगुलेटर और बिजली के उपकरणों को अवश्य बंद कर दें। जलती हुई बीड़ी, सिगरेट या माचिस की तीली को पूरी तरह बुझाए बिना न फेंकें। पूजा, हवन या दीपक की अग्नि को भी पूरी तरह बुझाने के बाद ही स्थान छोड़ें। माचिस, लाइटर और पटाखों को बच्चों की पहुंच से दूर रखें। खलिहान या फूस के मकान रेलवे लाइन से कम से कम 400 फीट की दूरी पर बनाए जाएं। बिजली की लाइन या ट्रांसफार्मर के ठीक नीचे खलिहान न बनाएं।