Varanasi News: वाराणसी में अनिल कुमार पटेल ने पुलिस को बताया कि आरोपी दिनेश कुमार ने उनके भाई अजीत और पत्नी प्रीति को बीएचयू में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था।
बीएचयू में नौकरी दिलाने के नाम पर 20.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के जूनियर लैब अटेंडेंट दिनेश कुमार और उसकी पत्नी संगीता के खिलाफ रविवार को चितईपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
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चितईपुर थाना क्षेत्र निवासी अनिल कुमार पटेल ने पुलिस को बताया कि आरोपी दिनेश कुमार ने उनके भाई अजीत और पत्नी प्रीति को बीएचयू में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। इसके एवज में उसने उनसे 20 लाख 50 हजार रुपये ले लिए।
आरोप है कि दिनेश ने डिप्टी रजिस्ट्रार शिव कुमार त्रिपाठी के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर का इस्तेमाल कर बीएचयू का कूटरचित जॉइनिंग लेटर तैयार किया। इसके साथ ही 'प्रिंसिपल सिक्योरिटी एंड एलाइड सर्विस प्राइवेट लिमिटेड' का भी एक फर्जी पत्र दिया। रुपये वापस मांगने पर आरोपी दिनेश टालमटोल करने लगा। काफी दबाव के बाद उसने केवल आठ लाख रुपये लौटाए।
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शेष रकम के लिए उसने 10-10 लाख रुपये के दो चेक दिए, लेकिन फर्जी हस्ताक्षर होने के कारण दोनों चेक बैंक में बाउंस हो गए। थाने में समझौते के दौरान आरोपी ने सात फरवरी 2026 तक पूरी रकम लौटाने का शपथपत्र (एफिडेविट) दिया था। चितईपुर थाना प्रभारी राकेश कुमार गौतम ने बताया कि संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।