फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला अस्पताल में संदिग्ध दिखे तो FIR: CMS बोले- बाहरी का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं होगा, टीम करती रहेगी भ्रमण

Sun, 26 Apr 2026 05:50 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: अस्पताल प्रशासन ने परिसर में सक्रिय अनाधिकृत व्यक्तियों और बिचौलियों पर नकेल कसने के लिए कड़ा रुख अख्तियार किया है। अब अस्पताल में किसी भी बाहरी व्यक्ति का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
वाराणसी जिला अस्पताल। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

District Hospital Varanasi: वाराणसी के जिला अस्पताल में संदिग्ध और अनाधिकृत व्यक्तियों की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. आर.एस. राम ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अस्पताल परिसर में किसी भी बाहरी या संदिग्ध व्यक्ति के पाए जाने पर उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

विज्ञापन


अस्पताल प्रशासन ने परिसर में सक्रिय बिचौलियों और अनाधिकृत हस्तक्षेप पर पूरी तरह अंकुश लगाने का निर्णय लिया है। निर्देश के मुताबिक, अब अस्पताल में किसी भी बाहरी व्यक्ति का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई कर्मचारी अपनी निर्धारित ड्यूटी किसी बाहरी व्यक्ति से कराते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ तत्काल कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सीएमएस ने सभी चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने ओपीडी कक्षों और आईपीडी वार्डों में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को बैठने या हस्तक्षेप करने की अनुमति न दें। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि इस कदम से मरीजों को बेहतर और पारदर्शी सेवाएं मिल सकेंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

अब होगी सख्त कार्रवाई

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भूतपूर्व सैनिक कल्याण निगम के सुरक्षाकर्मियों और होमगार्ड की विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें प्रतिदिन अस्पताल परिसर का नियमित निरीक्षण करेंगी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगी।

आदेश के अनुसार, पहली बार पकड़े जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों को चेतावनी देकर छोड़ा जाएगा, लेकिन दोबारा पकड़े जाने पर उन्हें हिरासत में लेकर अस्पताल परिसर स्थित पुलिस चौकी में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

इसके अलावा, व्यावहारिक प्रशिक्षण (इंटर्नशिप) ले रहे प्रशिक्षुओं को लेकर भी नियम स्पष्ट किए गए हैं। जिन प्रशिक्षुओं की प्रशिक्षण अवधि समाप्त हो चुकी है, उनसे किसी भी प्रकार का कार्य नहीं लिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि इन कदमों से अस्पताल में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें