सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भूतपूर्व सैनिक कल्याण निगम के सुरक्षाकर्मियों और होमगार्ड की विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें प्रतिदिन अस्पताल परिसर का नियमित निरीक्षण करेंगी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगी।
आदेश के अनुसार, पहली बार पकड़े जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों को चेतावनी देकर छोड़ा जाएगा, लेकिन दोबारा पकड़े जाने पर उन्हें हिरासत में लेकर अस्पताल परिसर स्थित पुलिस चौकी में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
इसके अलावा, व्यावहारिक प्रशिक्षण (इंटर्नशिप) ले रहे प्रशिक्षुओं को लेकर भी नियम स्पष्ट किए गए हैं। जिन प्रशिक्षुओं की प्रशिक्षण अवधि समाप्त हो चुकी है, उनसे किसी भी प्रकार का कार्य नहीं लिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि इन कदमों से अस्पताल में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।