वाराणसी नगर निगम के परिवहन विभाग में घोटाले से जुड़ी फाइलें शनिवार को कबाड़ में मिलीं। इसकी पुष्टि अपर नगर आयुक्त देवीदयाल ने की। उन्होंने बताया कि जांच समिति को गुम हुई 186 फाइलों की तलाश है। इनमें से 108 फाइलें मिल गई हैं। बाकी फाइलों की तलाश की जा रही है। वहीं, सूत्रों के अनुसार करीब सवा करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़ी 120 फाइलें मिली हैं।
अपर नगर आयुक्त ने बताया कि नगर आयुक्त गौरांग राठी की ओर से परिवहन विभाग की जांच के लिए समिति गठित की गई है। समिति के लोग परिवहन कार्यशाला में जांच करने गए थे, जहां फाइलें मिली हैं। जो सामान खरीदे गए हैं, उनका इन फाइलों से मिलान कराया जा रहा है।
लक्सा के पार्षद लकी वर्मा और पार्षद राजेश यादव चल्लू के अनुसार, नगर निगम के परिवहन विभाग में एक-एक गाड़ी की मरम्मत दस-दस बार कराई गई। औने-पौने दाम पर सामान खरीदकर अधिक दाम दिखाए गए। इसीलिए टेंडर नहीं कराए गए। किसी बड़ी कंपनी से रेट लिस्ट भी नहीं ली गई। सदन में इस पर जवाब मांगा गया, लेकिन आज तक जवाब नहीं मिला।
लक्सा पार्षद ने कहा कि परिवहन विभाग में घोटाला गाड़ियों की मरम्मत के नाम पर होता है। दूसरा खरीददारी के नाम पर पैसों की बंदरबांट होती है। कायदे से जांच हुई तो तीन सौ करोड़ रुपये का घोटाला सामने आएगा।
उन्होंने कहा कि 2014 में खरीदी गईं गाड़ियां खड़े-खड़े खराब हो गईं। इसके पार्ट्स दूसरी गाड़ियों में लगा दिए गए हैं। मरम्मत के नाम पर जाने वाली गाड़ियां का बिल 50 हजार रुपये तक बना है। 23 हजार रुपये के टायर को 95 हजार रुपये में खरीदना दिखाया गया है।