आजमगढ़ जिले के गांगेपुर मठिया गांव के सीवान में बुधवार की शाम पांच बजे एक लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बच गया। इसी के साथ ही खेत में काम कर रहे आठ किसानों की जान भी बच गई। विमान के उड़ जाने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली।
गांगेपुर मठिया गांव में घाघरा नदी के पश्चिम सीवान में बुधवार की शाम किसान अपने खेत में गेहूं की कटाई कर रहे थे। तभी अचानक आसमान में उड़ते-उड़ते सेना का एक लड़ाकू विमान आसमान से जमीन पर गिरने लगा।
जैसे ही विमान जमीन से महज 10 से 15 फुट तक पहुंचा कि पायलट ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए विमान को ऊपर उड़ा दिया। जिस वक्त विमान ऊपर उड़ा तो वह बबुल और आम के पेड़ के बीच से पूरब की दिशा में तेजी से निकल गया।
धूल का गुबार और तेज आवाज के कारण खेतों में काम कर रहे किसान दहशत में आ गए। विमान फिर तेजी से बलिया जिले की तरफ निकल गया। गांगेपुर मठिया के प्रधान रामनिवास यादव जो अपने खेत में मजदूरों के साथ काम करा रहे थे।
वहां दूसरे खेत में काम कर निर्भल राम रामसिंह पटेल ने बताया कि अगर दो से तीन सेकेंड का भी अगर समय चालक को नहीं मिलता तो विमान दुर्घटनाग्रस्त होता।
एसडीएम सगड़ी रवि रंजन ने बताया कि कुछ तकनीकी खामियों के चलते लड़ाकू विमान आसमान से जमीन के नीचे आ गया था। लेकिन पायलट की सूझबूझ से विमान पुन: उड़ गया।