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बनारस में व्यापार मंडल के दो गुट आपस में भिड़े, महापौर के सामने हाथापाई

Mon, 26 Mar 2018 07:52 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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बग्गा-सरावगी गुट की लड़ाई में महिला व्यापारियों को झेलनी पड़ी शर्मिदिंगी - फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी के एक होटल के सभागार में सोमवार को व्यापार मंडल के दो गुट आपस में भिड़ गए। मंच पर बैठने को लेकर शुरू हुई नोकझोंक हाथापाई और मारपीट में तब्दील हो गई। बग्गा और सरावगी गुट के व्यापारी एक-दूसरे को देख लेने की धमकी तक दे डाली।
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होटल में सभी लोग उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्याम बिहारी मिश्र की प्रेसवार्ता के लिए जमा हुए थे। यह सब तब हुआ जब शहर की प्रथम नागरिक महापौर मृदुला जायसवाल वहां मौजूद थीं।  

आगामी सात और आठ अप्रैल को कानपुर में आयोजित प्रदेश संगठन के चुनाव में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलों के दौरे पर निकले प्रदेश अध्यक्ष श्याम बिहारी मिश्र सोमवार को बनारस में थे।
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स्थानीय जिला व नगर इकाई की बैठक में उन्होंने सदस्यता अभियान पर जोर दिया। इस दौरान व्यापारिक हितों को लेकर श्याम बिहारी की प्रेसवार्ता जैसे ही शुरू हुई, मंच पर बैठने को लेकर बग्गा व सरावगी गुट के वैचारिक मतभेद खुलकर सामने आ गए।

इस दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि प्रेसवार्ता के दौरान ही दोनों गुटों में तीखी बहस होने लगी। हाथापाई के बीच मारपीट की नौबत तक आ गई। हालांकि कुछ देर में वरिष्ठ पदाधिकारियों के हस्तक्षेप व समझाने पर दोनों ही गुटों के लोग शांत हो गए, मगर तल्खी बरकरार रही। इस बीच महापौर मृदुला जायसवाल भी पहुंच गई। 
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महिला व्यापारियों को झेलनी पड़ी शर्मिदिंगी

बग्गा-सरावगी गुट की लड़ाई में महिला व्यापारियों को झेलनी पड़ी शर्मिदिंगी - फोटो : अमर उजाला

प्रदेश अध्यक्ष ने महापौर का स्वागत शुरू किया ही था कि दोनों गुट फिर से आमने-सामने आ गए और अबकी दोनों गुटों ने अपशब्दों की बौछार शुरू कर दिया। यह देख महापौर अवाक रह गई। सभागार में उपस्थित महिला व्यापारियों को भी काफी शर्मिदिंगी झेलनी पड़ी।

बात इतनी बढ़ गई कि दोनों गुटों में मारपीट होने लगी। फिर एक बार वरिष्ठों ने बीच-बचाव किया। इसके बाद बग्गा गुट के लोग बैठक को बीच में ही छोड़ कर चले गए। शहर के वरिष्ठ व्यापारियों का कहना था कि गुटबाजी की इस लड़ाई के लिए प्रदेश व्यापार मंडल का शीर्ष नेतृत्व ही जिम्मेदार है।

प्रदेश संगठन अपने फायदे के लिए काशी के व्यापारियों को सदैव से ही आपस में लड़ाने का काम करता चला आया है और आज भी कर रहा है। व्यापारियों का कहना है कि 27 दिसंबर-2011 में भी नगर निगम प्रेक्षागृह में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल (श्याम बिहारी मिश्र गुट) के अधिवेशन के दौरान भी वर्चस्व की लड़ाई में नोकझोंक और हाथापाई तक हुई थी।

उस समय भी प्रदेश नेतृत्व से जुड़े स्थानीय नेताओं ने स्थानीय संगठन को दो भागों में विभाजित कर दिया था। मिश्र गुट से जुड़े स्थानीय नेताओं के चलते ही आज भी यहीं हुआ। इसका व्यापारी समाज पर गलत संदेश जा रहा है। 
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