उसी समय एक पुरुष यात्री ने अपनी सीट पर बैठने के लिए एक महिला यात्री को साइड होने के लिए कहा। देखते ही देखते दोनों में बहस होने लगी। दोनों जोर-जोर से चिल्लाते हुए एक दूसरे को भला बुरा बोलने लगे। इसकी जानकारी जब विमान के पायलट को हुई तो उसने विमान को वापस लाकर एप्रन पर खड़ा कर दिया।
पायलट ने दोनों यात्रियों को विमान से उतार देने की बात कही, जिससे बात और बढ़ गई। इस दौरान विमान एक घंटे से ज्यादा वक्त तक एप्रन पर ही खड़ा रहा। जिससे विमान में बैठे अन्य यात्रियों का धैर्य जवाब देने लगा और वो आक्रोशित होने लगे। क्रू मेंबर ने यात्रियों को समझाबुझाकर शांत कराया। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद दोनों यात्री शांत हुए और लिखापढ़ी करवाया गया। तब जाकर विमान ने उड़ान भरी
लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट
यात्री पवन पाठक ने कहा कि इसकी जांच की जानी चाहिए। दो लोगों के लिए 200 यात्रियों को एक घंटे से अधिक समय तक रोक कर रखा गया। यह एविएशन के नियमों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि इसकी शिकायत वे नागर विमानन महानिदेशालय से की है।
इस संबंध में एयरपोर्ट निदेशक अर्यमा सान्याल ने बताया की यह घटना 24 अप्रैल की है। विमान में बैठते समय पुरुष यात्री के हैंड बैग से महिला यात्री को धक्का लग गया था। इसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई। एयरलाइंस के प्रतिनिधियों को हिदायत दी गई है कि भविष्य में इस तरह की घटना हो तो उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।