पीएम मोदी की वाराणसी के प्रयासों की सराहना के बाद अब देश में कोरोना से जंग में बनारस मॉडल बनेगा। यहां के ट्रैस, ट्रैक और ट्रीट के साथ अधिकारियों का समन्वय, कंटेमेंट जोन बनाकर घर-घर का अभियान सहित प्रयासों को बताया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में 95 हजार परिवारों तक लक्षण वाले मरीजों की तलाश कर उन तक दवा पहुंचाने का अभियान भी मील का पत्थर साबित होने लगा है।
बढ़ते संक्रमण को देखते हुए वीकेंड लॉकडाउन का लगाया जाना भी संक्रमण दर कम होने की अहम कड़ी मानी जा रही है। शुरुआती दिनों में जहां सप्ताह में पांच दिन ही निर्धारित समय पर दुकानें खुलीं, वही दो दिन पूरी बंदी रही। लोगों को प्रोटोकॉल का पालन करते रहने के प्रति की अपील की गई, जिससे संक्रमण पर नियंत्रण पाने में सफलता मिली।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि लक्षण वाले मरीजों को ट्रैस करना, कंटेंमेंट जोन की स्थापना के साथ काशी कोविड कमांड कंट्रोल सिस्टम से जरूरतमंदों से सीधा संवाद कोरोना संक्रमण की दर थामने में बड़ा सहायक बना है। टेस्टिंग की संख्या में इजाफा कर हमने मरीजों की पहचान की और दवा वितरण कर शुरुआती दौर में बीमारी पर प्रहार किया।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में दवा वितरण, अधिकारियों के समन्वय और सही समय पर लॉक डाउन के निर्णय ने कोरोना विजय में अहम योगदान साबित हुआ। संसाधनों की उपलब्धता से लोगों में आत्मविश्वास जागा और शहर के लोगों के सहयोग से मरीजों व तीमारदारों को राहत दी गई। टीकाकरण अभियान में तेजी भी कोरोना के संक्रमण दर को रोकने में कारगर रहा।