हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज में स्वतंत्रता सेनानी कोटे से हुए दाखिले में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद अब जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। दाखिले के लिए बनाई गई प्रवेश समिति ने निर्धारित प्रावधानों की मनमाने तरीके से धज्जियां उड़ाईं।
छात्रों की ओर से स्वतंत्रता सेनानी कोटे से आवेदन के लिए लगाए गए कागजात की जांच तक नहीं की। स्वतंत्रता सेनानी मृतक आश्रित संघ के लेटर पैड को ही प्रमाणपत्र मानकर कई छात्रों को दाखिला दे दिया गया जबकि स्वतंत्रता सेनानी के आश्रितों का प्रमाणपत्र सिर्फ डीएम कार्यालय जारी करता है।
इस धांधली की शिकायत भी हुई लेकिन तब कॉलेज प्रबंधन ने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब डीएम के निर्देश पर नोटिस जारी होने के बाद कॉलेज में हड़कंप मच गया है।
प्राचार्य डॉ. सोहन लाल यादव को जारी नोटिस में प्रशासन ने जवाब दाखिल करने के लिए सात दिन की मोहलत दी है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है।
इस पूरे मामले के शिकायतकर्ता छात्रसंघ के महामंत्री शुभम कुमार सेठ का तो आरोप है कि दाखिले के एवज में छात्रों से धनउगाही की गई। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया है। कहा कि उन्हें पिछले दो दिनों से अनजान नंबरों से धमकियां भी मिल रही हैं।