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सुविधा: अब होली और विजयदशमी की तिथियों पर मतभेद नहीं, 2026 के त्योहारों की तिथियां घोषित

Mon, 13 May 2024 11:31 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

2026 के त्योहारों की तिथियां घोषित कर दी गई हैं। ऐसे में अब होली और विजयदशमी की तिथियों पर कोई मतभेद नहीं रहेगा। पंचांग के अनुसार चार मार्च को होली मनेगी। 2026 तक के तीज, त्योहार और सभी तिथियों की घोषणा भी कर दी गई है।
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पंचांगों में एकरूपता के लिए हुई बैठक में शामिल पंचांगों के संपादक और पंचांगकार। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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2026 में होली और विजयदशमी की तिथियों पर मतभेद नहीं रहेगा। काशी से प्रकाशित हर पंचांग में एक ही तिथि रहेगी। इस पर काशी विद्वत परिषद, ज्योतिषविद और विभिन्न पंचांगों के संपादकों ने रविवार को मुहर लगा दी। 4 मार्च 2026 को होली मनाई जाएगी। साथ ही 2026 तक के तीज, त्योहार और सभी तिथियों की घोषणा भी कर दी। सितंबर में देश के सभी पंचांगों से जुड़े लोगों की संगोष्ठी होगी। इसमें देशभर के पंचांगों की एकरूपता पर निर्णय लिया जाएगा। 

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काशी के सभी पंचांगों में एकरूपता लाने के लिए रविवार को दुर्गाकुंड स्थित धर्मसंघ में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी ने की। इसमें काशी से प्रकाशित होने वाले पंचांगों की एकरूपता पर चर्चा की गई। साथ ही संवत 2082 में प्रकाशित होने वाले सभी पंचांगों के व्रत और पर्वों की तिथियों में एकरूपता लाई गई। इसी दौरान मार्च 2026 तक की तिथियों की घोषणा कर दी गई।

ज्योतिषविद् प्रो. विनय कुमार पांडेय ने कहा कि विगत वर्षों में काशी से प्रकाशित होने वाले पंचांगों में व्रत, पर्वों की तिथियों में अंतर था। इससे भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। लोगों में ज्योतिष के प्रति अविश्वास बढ़ता जा रहा था। इसे देखते हुए एकरूपता लाने का फैसला किया गया। 
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संयोजन और संचालन कर रहे परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि अभी काशी और उत्तर प्रदेश के पंचांगों में एकरूपता लाई जा रही है। फिर देशभर में किया जाएगा। 

इस मौके पर बीएचयू के विश्व पंचांग के संपादक प्रो. गिरजा शंकर शास्त्री, प्रो. शंकर कुमार मिश्र, प्रोफेसर माधव जनार्दन रटाटे, ज्योतिषविद प्रो. चंद्रमौलि उपाध्याय, परिषद के उपाध्यक्ष प्रो. रामचंद्र पांडेय, धर्म संघ शिक्षा मंडल के प्रबंधक जगजीतन पांडेय, डॉ. अजय कुमार पांडेय, डॉ. सुनील कुमार चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।

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