वाराणसी। शादी विवाह व मांगलिक कार्यक्रम नवरात्र से शुरू हो चुके हैं। लॉन और होटलों में सीमित संख्या में लोग कार्यक्रमों को निपटा रहे हैं। हालांकि दूल्हा और दुल्हन पक्ष सहित होटल, लॉन, कैटरिंग संचालकों के समक्ष संकट है कि शादी कार्यक्रम के बाद रात्रि कर्फ्यू में घर कैसे लौटेंगे। जिनके पास अनुमति पत्र नहीं है उनकी धड़कने और बढ़ गई हैं। होटल कारोबारियों को भी चिंता है कि स्टाफ रात में कैसे घर जा सकेंगे। वेडिंग कारोबारी भी परेशान हैं। दूल्हा और दुल्हन पक्ष के लोगों ने जिला प्रशासन से शादी विवाह की अनुमति तो ली है, लेकिन जो लोग बाहर से शादी में शरीक होने अपने साधनों से आएंगे वह कैसे लौटेंगे। इसे लेकर मंथन चल रहा है। यही हाल होटल, लॉन में काम करने वाले कर्मचारियों का भा है। उन्हें डर इस बात का है कि रात में घर को निकले तो कहीं पुलिस चालान न कर दे। छावनी क्षेत्र स्थित होटल महाप्रबंधक राहुल सिंह के अनुसार, इस तरह की पूछताछ बढ़ गई है। हर किसी को रात्रि कर्फ्यू का डर सता रहा है। कैटरिंग संचालक रौनक गुप्ता ने बताया कि कर्मचारियों को पहचान पत्र बनवाकर दे दिया गया है। रात में साइट से घर जाएंगे तो यही पहचान पत्र दिखाना होगा। प्रशासन ने इस तरह की व्यवस्था के लिए निर्देशित किया है।
केस-1
अकथा के सुधीर श्रीवास्तव के घर 21 तारीख को शादी है। सारनाथ स्थित लॉन में शादी कार्यक्रम होंगे। चिंता यह है कि रात में लोग घर कैसे जाएंगे। कुछ लोगों को उसी रात एयरपोर्ट भी जाना है।
केस-2
साकेतनगर निवासी पीयूष मिश्रा के भाई की शादी महमूरगंज स्थित लॉन में होनी है। प्रशासन से अनुमति लेकर शादी कर तो रहे हैं लेकिन रात्रि कर्फ्यू को लेकर चिंतित है। बहुत से अतिथियों ने आने से इनकार भी कर दिया है।