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योगी सरकार का एक सालः कर्ज माफी के लिए आज भी भटक रहे बनारस के अन्नदाता

Tue, 20 Mar 2018 04:08 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : file photo
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में प्रदेश सरकार ने किसान ऋण मोचन योजना के तहत भले ही हजारों लोगों का कर्ज माफ किया लेकिन अब भी में 755 किसान ऐसे हैं जो कर्ज माफी के लिए भटक रहे हैं।
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ये वो लोग हैं जिन्हें शुरुआत में बैंकों ने पात्र ही नहीं माना था। बाद में प्रशासन ने जांच कराई तो ये पात्र पाए गए और इनकी फाइलें शासन को भेजी गईं। अधिकारियों का कहना है कि पात्रों का जल्द ही योजना के तहत एक लाख रुपये का कर्ज माफ कर दिया जाएगा।

किसान ऋण मोचन योजना के तहत जिले में 22415 किसानों ने आवेदन किया था। इसमें से 10727 लोगों को इस योजना के लिए पात्र चुना गया था। बैंकों की जांच के बाद इन सभी का एक लाख रुपये का कर्ज माफ किया गया। इनका 62 करोड़ 58 लाख रुपये का कर्ज माफ किया गया।
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कई लोग ऐसे भी थे जो पात्र थे लेकिन उन्हें योजना का लाभ नहीं दिया गया। जिले के 528 लोगों ने विभाग के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से ऑनलाइन शिकायत करते हुए कहा कि उन्हें योजना का लाभ नहीं दिया गया जबकि वह पात्र थे। 
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योजना के पात्र लोगों को दिया जाएगा लाभ

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जिला प्रशासन इन 528 लोगों की जांच कराई तो पता चला कि 487 किसान पात्र हैं जिन्हें योजना का लाभ दिया जाना चाहिए। बाद में इनके कागजात तैयार कर रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी गई है। वहीं, ऑनलाइन शिकायत के बाद 268 लोगों ने कार्यालय में ऑफलाइन शिकायत की। इनकी भी जांच कराई जा रही है।

विभागीय सूत्रों की मानें तो ये सभी पात्र हैं और इन्हें भी योजना का लाभ दिया जाएगा। जिला कृषि अधिकारी सुभाष मौर्या का कहना है कि जांच कराई जा रही है। जो लोग योजना के पात्र हैं उन्हें लाभ दिया जाएगा। प्रयास किया जाएगा कि इसी महीने योजना का लाभ दे दिया जाए।

चिरईगांव ब्लॉक की प्रमिला का कहना है कि सरकार ने एक लाख रुपये का कर्ज माफ किया जिससे काफी सहूलियत मिली। घर बनाने के लिए जो कर्ज लिया थे उसे चुकाने में आसानी हुई।

वहीं इसी ब्लॉक की शकुंतला ने बताया कि कर्ज तो माफ हुआ लेकिन इसके लिए काफी परेशान होना पड़ा। कर्ज न माफ होता तो इसे भरने के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना होता। 
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