सामनेघाट उसपार राम छाटपार शिल्प न्यास की ओर से रेत पर गणेश जी आकृति और गो ग्रीन का संदेश देते हुए ?
वाराणसी। रेत के टीले पर किसानों का दर्द उभर आया तो कोराना का दंश भी देखने को मिला। गंगा पार रेती पर सैंड आर्टिस्टों ने किसान आंदोलन के समर्थन में कलाकृतियों को साकार किया। कलाकारों ने कला के माध्यम से सरकार से किसानों की मांग पूरी करने की अपील भी की।
आधुनिक मूर्तिशिल्पी गुरु राम छाटपार के 75वें जन्मस्मृति में मंगलवार को राम छाटपार शिल्पन्यास गुरु आश्रम की ओर से रेत पर आकृति की खोज का आयोजन किया गया। सामने घाट स्थित महेश नगर कालोनी के सामने गंगा में उभरे टीले पर सुबह नौ से शाम चार बजे तक कार्यशाला सजी। इस दौरान दिव्य काशी का स्वरूप शंकर की बिखरी जटाओं के माध्यम से आध्यात्म की रसधारा बहाती नजर आई। मुख्य अतिथि प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल और प्रो. प्रदोष मिश्र ने प्रतिभागियों को सम्मानित किया। संयोजक मदन लाल गुप्ता व राजश्री गुप्ता ने बताया कि 32 समूह में 167 कलाकारों ने भाग लिया। सभी को प्रमाणपत्र और प्रोत्साहन राशि प्रदान किया गया। इसमें काशी विद्यापीठ, बीएचयू, इलाहाबाद, गोरखपुर, गाजीपुर समेत कई जिलों के कलाकार हिस्सा लेने पहुंचे थे।
सरकार तक पहुंचे किसानों का संदेश
सैंड आर्टिस्ट रोहित ने बताया कि देश के किसान 55 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। हमने अपनी कला के माध्यम से उनके दर्द को साझा करने का प्रयास किया है। सौम्या ने बताया कि सरकार को किसानों की मांग पर ध्यान देना चाहिए, हम अपनी कला के जरिए किसानों का संदेश सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
केवी बीएचयू को मिला पुरस्कार
रेत में आकृतियों की खोज का प्रथम पुरस्कार केन्द्रीय विद्यालय बीएचयू को दिया गया। विजेता टीम को अपने वर्ग में प्रथम स्थान तथा एक हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया। छात्रों ने रेत पर गणेश जी आकृति की रचना करके गो ग्रीन का संदेश देने का प्रयास किया था। यह जानकारी विद्यालय के कला शिक्षक कौशलेश कुमार ने दी। टीम में पावनी, अदिति मिश्रा, गरिमा पांडेय, मनोहर, विनीत कुमार एवं वैभव पांडेय शामिल रहे। प्राचार्य डॉ. दिवाकर सिंह एवं उपप्राचार्य विनीता सिंह ने बच्चों को शुभकामनाएं दी हैं।