यूपी के रेशम उद्योग को नई ऊंचाई देने वाले किसान, उद्यमी, वैज्ञानिक और डिजाइनर अब राज्य स्तर पर सम्मानित किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश रेशम विकास विभाग नवंबर में समारोह आयोजित कर पं. दीनदयाल उपाध्याय रेशम रत्न सम्मान देगा। इसका उद्देश्य रेशम उत्पादन, प्रसंस्करण, डिजाइनिंग और मार्केटिंग से जुड़े लोगों के उत्कृष्ट योगदान को पहचानना और रेशम क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम में आठ विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत पुरस्कार दिए जाएंगे। हर श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को 50 हजार नकद, जबकि द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले को 25 हजार नकद राशि के साथ प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न प्रदान किया जाएगा। सहायक निदेशक (रेशम) अनिल कुमार राव ने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में लगभग 30 हजार किसान और लाभार्थी रेशम विकास विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े हुए हैं। ये किसान कोकून उत्पादन के साथ रेशम धागा, वस्त्र और डिजाइनिंग के क्षेत्र में भी बेहतरीन कार्य कर रहे हैं। पुरस्कार के लिए चयन प्रक्रिया पूरी तरह से योग्यता और डिजाइनिंग पर आधारित होगी। रेशम निदेशालय उत्तर प्रदेश के ओर से रेशम मित्र पत्रिका-2025 का तृतीय संस्करण प्रकाशित किया जा रहा है।