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गेहूं के भंडारण से खाद के वितरण की किल्लत

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वाराणसी। अगले दो सप्ताह तक आराजीलाइन, पिंडरा के सहकारी समितियों पर यूरिया, डीएपी खाद की किल्लत किसानों को हो सकती है। केंद्रों से गेहूं के उठान न होने से फूलपुर, बाबतपुर, कपसेठी, लेडुआई, जक्खिनी, करसड़ा की समितियों पर गोदाम भरा है। खाद रखने के लिए जगह नहीं होने से खाद नहीं मंगाई जा रही है। खाद के लिए किसान समितियों के चक्कर लगा रहे हैं। किसानों को एक से दो सप्ताह तक खाद के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
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जिले के कई इलाकों में धान की रोपाई शुरू हो गई है। ऐसे किसानों को खाद की जरूरत पड़ने नहीं है। लेकिन जिले के कुछ हिस्सों में खाद की समस्या हो सकती है। सहकारिता विभाग के सहायक आयुक्त विनोद कुमार ने बताया कि जिले के छह क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद के बाद से गेहूं का उठान नहीं हो पाया है। जिससे खाद की आपूर्ति बाधित है। फूलपुर, बाबतपुर, कपसेठी, लेडुआई, जक्खिनी, करसड़ा की समितियों के गोदाम में गेहूं पड़ा है। संभागीय खाद्य नियंत्रक ने कहा है कि अगले एक से दो सप्ताह में गेहूं का उठान हो जाएगा।
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बोले किसान
फुलपुर के किसान आशु सिंह, सियाराम मौर्य, रामसूरत, सुरेंद्र ने बताया कि समिति पर खाद न मिलने से महंगे दाम पर बाजार से खरीदना पड़ रहा है। उधर कदसड़ा के केद्रं प्रभारी ने बताया कि दो गोदाम है दोनों में एक हजार क्विंटल गेहूं भरा है। 100 बोरी पंचायत भवन में भी पड़ी है। जिसके उठान न होने से खाद रखने के लिए जगह नहीं है। प्रतिदिन 20 किसान खाद के लिए फोन कर रहे।
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हर केंद्र पर छह से 12 टन रखने का लक्ष्य
धान की रोपाई को देखते हुए जिले मोहाव स्थित गोदाम में 6168 मीट्रिक टन यूरिया, डीएपी और एनएपी की उपलब्धता है। जो 15 जुलाई तक की पूर्ति के लिए पर्याप्त है। जिसमें सभी समितियों पर छह से 12 टन उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अलावा सितंबर तक के लक्ष्य को पूरा करने के लिए दो रैक और खाद की आने वाली है। जिसकी क्षमता 6000 मीट्रिक है।
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