अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक वीएम सिंह
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किसानों को अंधेरे में रखकर सरकार उनकी जमीन का उचित मुआवजा नहीं दे रही है। पुराने और नए भूमि अधिग्रहण कानून में घालमेल किया जा रहा है। किसानों को पुराने सर्किल रेट का ही चार गुना मुआवजा दिया जा रहा है।
किसानों के साथ मनमानी नहीं होने दी जाएगी। ये बातें अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक वीएम सिंह ने गुरुवार को नेपाली कोठी स्थित विश्व संवाद केंद्र में पत्रकारों से कही।
उन्होंने कहा कि नई सरकार ने किसानों के साथ विश्वासघात किया है। किसान को लागत का डेढ़ गुना रेट देने का वायदा किया गया पर यह खोखला साबित हुआ। पहले सबका कर्ज माफ करने की घोषणा की, बाद में आधा-अधूरा और थोड़ा-बहुत पर आ गए।
उन्होंने मांग की कि किसानों को कम पैसा देने वलों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि इन्हीं सब मुद्दों को लेकर महाराष्ट्र से किसान मुक्ति यात्रा निकली है जो गुजरात होते हुए वाराणसी पहुंची। अब इलाहाबाद, लखनऊ, सीतापुर, बिजनौर, मेरठ होते हुए गजरौला पहुंचेगी।
उनके साथ मौजूद स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश इस वक्त भयंकर सूखे का सामना कर रहा है लेकिन कहीं कोई चर्चा नहीं हो रही है। इस बार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 प्रतिशत तक तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 30 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।
उन्होंने प्रदेश के 32 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की। कहा कि किसानों की कर्ज मुक्ति और फसल के उचित दाम जैसे मुद्दों को लेकर हम लगातार यात्रा कर रहे हैं। यह हमारी तीसरी किसान मुक्ति यात्रा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भूमि अधिग्रहण बिल 2013 की उपेक्षा करते हुए किसानों की जमीन हड़पी जा रही है।