वाराणसी के बनकट गांव में सोमवार की देर रात प्रेमी और प्रेमिका ने जहर खा लिया। जानकारी हुई तो परिजन दोनों को दीनदयाल अस्पताल ले गए। उपचार के दौरान मंगलवार की भोर में 16 वर्षीय प्रेमिका की मौत हो गई। वहीं, 20 वर्षीय प्रेमी मंडलीय अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। यह घटना बनकट और आसपास के गांवों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
नरायनपुर कसिहर गांव निवासी विकास चौबे युवाओं की मंडली बना कर रामायण पाठ का काम करता है। वहीं, पड़ोस के गांव निवासी किशोरी डुबकियां स्थित एक प्राइवेट स्कूल की कक्षा 10 की छात्रा थी। विकास और किशोरी एक-दूसरे से प्रेम करते थे। दोनों के परिजनों को इसकी भनक लगी तो उन्होंने सख्ती शुरू की। साथ ही किशोरी और विकास के मेलजोल पर पाबंदी लगा दी।
कोई और रास्ता न देख कर दोनों ने एक-दूसरे के साथ जान देने का निर्णय लिया। बताया जाता है कि सोमवार की देर रात विकास चुपचाप किशोरी के घर में प्रवेश किया। किशोरी से बातचीत के दौरान ही विकास ने उसे सल्फास खिलाया और इसके बाद खुद भी खा लिया। किशोरी को उल्टी होने लगी तो उसकी आवाज सुनकर उसके परिजनों की नींद खुली।
किशोरी और विकास को उल्टी करते देख परिजन उन्हें दीनदयाल अस्पताल लेकर भागे। उपचार के दौरान किशोरी की मौत हो गई, जबकि विकास को मंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस संबंध में चौबेपुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि किशोरी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया गया है। फिलहाल युवक का उपचार जारी है और उसकी हालत काफी नाजुक है।