राजबली प्रजापति का आरोप है कि जब वह सारनाथ थाने में अपहरण की तहरीर लेकर पहुंचे तो पुलिस अपहरण का मुकदमा दर्ज करने की वजाय गुमशुदगी लिख रही थी। जब इसका परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध किया, तो पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज किया।
पुलिस के अनुसार, किशन प्रजापति(23) नई बाजार में फास्ट फूड कॉर्नर चलाता था। वह दो भाइयों में छोटा था, जबकि बड़े भाई की दो साल पहले मृत्यु हो गई थी। बचे इकलौते पुत्र की अपहरण की खबर पर मां आशा देवी और पूरा परिजन बेहाल हो उठा।
अपहरण की बात सुनकर ग्रामीण रिंग रोड पर इकट्ठा हो गए। सुबह साढ़े 6 बजे से हृदयपुर पुलिया के ऊपर रिंग रोड की दोनों लाइन पर बांस-बल्ली, ईंट रखकर पूरी तरह से चक्का जाम कर दिया। वहीं पुल के नीचे पहड़ियां बेला मुख्य मार्ग को भी ग्रामीणों ने लगभग दो घंटे तक जाम रखा।
सूचना पर एसीपी संतोष मीणा के अलावा, सारनाथ के कार्यवाहक थाना प्रभारी भी मौके पर पहुंच गए। वहीं, मौके पर पहुंचे एडीसीपी विनय सिंह ने परिजनों से बातचीत कर मामले की जानकारी ली। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझा-बुझाकर हाईवे खाली कराया। वहीं, परिजनों ने कहा है कि अगर चार घंटे में युवक नहीं मिलता तो वह फिर से चक्का जा करेंगे।
एसीपी वरुणा जोन संतोष कुमार मीणा ने बताया कि अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और चार टीमें गठित की गई हैं। परिजनों का सहयोग लिया जा रहा है। काफी रात होने के कारण दुकानों में लगे सीसीकैमरे ज्यादातर बंद पाए गए हैं। बाकी कैमरों की सीसीफुटेज इकट्ठा की जा रही हैं, जल्द से जल्द मामले से पर्दा हट जाएगा।