चौक थाने में आरोपियों से हो रही पूछताछ
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विश्वनाथ धाम में प्रवेश के बाद जब उसका टिकट स्कैन किया गया तो पता चला कि उसका बार कोड फर्जी है। मंदिर प्रशासन को समझ में आ गया कि रेलवे स्टेशन के हेल्प डेस्क से गड़बड़ी की गई है। इस आधार पर पुलिस से शिकायत की गई। अब पुलिस तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि मंगला आरती के टिकटों में हेरफेर करके बेचने का मामला सामने आया है। पुलिस को इस मामले में कार्रवाई के लिए तहरीर दी गई है। मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले सभी श्रद्धालुओं के टिकट को स्कैन कराने के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि 10 दिन पहले ही टिकट स्कैनिंग की व्यवस्था लागू की गई है। अब तक की जांच में जो सामने आया है उसके अनुसार मंगला आरती के बिके हुए 15 टिकट को एडिट करके उन्हीं को दूसरे के नाम पर बुक कर दिया गया था। जब श्रद्धालु मंगला आरती में शामिल होने पहुंचे तो बारकोड की स्कैनिंग के समय फर्जीवाड़े की जानकारी मिली।
अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय एवं अपराध) संतोष कुमार सिंह ने कहा कि मंदिर के हेल्प डेस्क प्रभारी की तहरीर के आधार पर चार लोगों के खिलाफ चौक थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।