प्रसाद वितरण के साथ ही आस्थावानों ने सिर झुकाकर गुरु की महिमा का बखान सुना और उनके दर पर सिर नवाकर प्रकाश पर्व मनाया। गुरुद्वारे में सुबह से ही गुरु की महिमा के बखान में संगत जमी और सतगुरु नानक परगटया मिटी धुंध जग चानण होआ और नानक नाम जहाज, जो चढ़े सो उतरे पार आदि भजन और गीतों से संगत को निहाल किया।
सैनिटाइजेशन के बाद मिला प्रवेश
सुबह गुरुद्वारे को सैनिटाइज करने के बाद ही श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया। शाम को गुरुद्वारा नीचीबाग के मुख्य ग्रंथी भाई रंजीत सिंह ने कथा द्वारा संगत को निहाल किया। हजूरी रागी गुरुद्वारा नीचीबाग के भाई रकम सिंह एवं गुरुबाग के भाई नरेंदर सिंह ने शबद कीर्तन, गुरुवाणी से संगत को निहाल किया। गुरुद्वारे के मुख्य ग्रंथी भाई सुखदेव सिंह ने गुरु ग्रंथ साहिब की हजूरी में प्रार्थना कर कोरोना को समाप्त करने की प्रार्थना की।