वाराणसी। अचानक तेजी से बढ़े कोरोना संक्रमण के कारण प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की नजर वाराणसी पर है। लॉक डाउन-2 के अंतिम चरण में अचानक तेजी से कोरोना संक्रमण बढ़ने से अब वाराणसी को लेकर नई कार्ययोजना बनाई जा सकती है। एक सप्ताह में कोरोना के 41 मरीजों के सामने आने और संक्रमण की आशंका के चलते वाराणसी से लगातार फीडबैक भी लिया जा रहा है।
लॉक डाउन-2 समाप्त होने में अब महज तीन दिन शेष बचे हैं। मगर, वाराणसी में कोरोना संक्रमण की बड़ी चेन इस समय सामने आई है। अब तक कुल 60 कोराना संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं। 40 दिन के लॉकडाउन में पहले चरण में वाराणसी की स्थिति बहुत अच्छी थी, मगर 24 अप्रैल से अब तक मिले 41 मरीजों के बाद स्थिति विकराल होती नजर आ रही है। हालांकि केस बढ़ने के साथ ही माइक्रो कंटेनमेंट जोन पर काम शुरू किया गया है। इसके अलावा बीएचयू में वाराणसी की सैंपलिंग बढ़ाई जा रही है। उधर, पीएमओ लगातार वाराणसी प्रशासन से अपडेट ले रहा है और संक्रमण रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का निर्देश भी दिया जा रहा है। यहां आपको बता दें कि मार्च महीने में वाराणसी में महज दो मरीज थे और अप्रैल महीने में 58 मरीज संक्रमित हुए। सबसे अहम बात यह है कि 24 अप्रैल से 30 अप्रैल तक 41 मरीज मिले हैं। 29 अप्रैल से शासन के निर्देश पर टोटल लॉक डाउन किया गया है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि तीन मई को लॉक डाउन-2 की समयसीमा पूरी होने के बाद भी वाराणसी में इसकी अवधि बढ़ाई जा सकती है।