नेत्रदान को बढ़ावा देने के लिए लायंस आई बैंक अपना दायरा बढ़ा रहा है। आई बैंक पूर्वांचल के आजमगढ़, भदोही, मऊ, जौनपुर और मिर्जापुर में अपने सब सेंटर खोलने जा रहा है। नए साल से ये सेंटर काम करना शुरू कर देंगे।
अभी तक बनारस को छोड़कर आसपास के जिलों में दानदाताओं से कार्निया लेने और उन्हें संरक्षित रखने की सुविधा नहीं है। नेत्रदान की शपथ लेने वाले निधन के छह घंटे के भीतर कार्निया को सुरक्षित तरीके से निकाल कर संरक्षित किया जा सकता है। आसपास के जिलों में यह सुविधा न होना नेत्रदान को अमल में लाने में बड़ी बाधा है। इसीलिए आई बैंक के सब सेंटर खोलने की योजना बनाई गई है।
हर साल 25 अगस्त से 8 सितंबर तक राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जाता है। करीब नौ साल से संचालित हो रहे लायंस आई बैंक को अब तक करीब 1000 कार्निया ब्रेन डेड दानदाताओं से मिले हैं। 2017 में ही 105 कार्नियां मिले, जिनसे इतने ही लोगों की आंखों को रोशनी मिली।
लायंस आई बैंक के संयोजक डॉ. अनुराग टंडन का कहना है कि सब सेंटर खोलने के लिए नेत्र सर्जनों से बातचीत चल रही है। भदोही में अस्पताल तय हो चुका है। सब सेंटर खुलने के बाद लोग आसानी से नेत्रदान का संकल्प पूरा करने में भी आसानी होगी।