फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Exclusive: वाराणसी के नमो घाट से गंगा पार कराएगा डबल डेकर सिग्नेचर ब्रिज, काशी स्टेशन के पास से बनेगा रास्ता

Mon, 11 Jul 2022 09:49 AM IST
उत्पल कांत शशांक मिश्र, अमर उजाला, वाराणसी

सार

ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित हो रहे वाराणसी से पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर जंक्शन को जोड़ने के लिए नमो घाट के पास डबल डेकर सिग्नेचर ब्रिज बनाया जाएगा। 
विज्ञापन
डबल डेकर सिग्नेचर ब्रिज का प्रस्तावित मॉडल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दुनियाभर से आने वाले सैलानियों की बनारस से पीडीडीयू नगर की यात्रा को सुगम करने के लिए नमो घाट के पास डबल डेकर सिग्नेचर ब्रिज बनाया जाएगा। राजघाट से पड़ाव को जोड़ने वाले मालवीय पुल के समानांतर यह पुल गंगा के 30 मीटर डाउन स्ट्रीम से शुरू होकर पड़ाव तक पहुंचेगा।

विज्ञापन


वाराणसी के पहले सिग्नेचर ब्रिज की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर मंजूरी के लिए शासन को भेजी गई है। इसके साथ ही डाट पुल को चौड़ा कर बनारस की ओर से आने वाले रास्ते को रिंग सर्किल में इस पुल से जोड़ा जाएगा।

नीचे वाले तल पर होगा  रेलवे ट्रैक
ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित हो रहे वाराणसी से पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर जंक्शन को जोड़ने के लिए काशी स्टेशन के पास से नया रास्ता बनाने की योजना है। आदिकेशव घाट और नमो घाट के बीच से दो मंजिला पुल बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें नीचे वाले तल को रेलवे रूट के लिए तैयार किया जाएगा। ऊपर सड़क मार्ग से वाहन गुजरेंगे।

विज्ञापन

काशी स्टेशन होगा देश का पहले इंटर मॉडल स्टेशन

मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला।
इसके साथ ही वाराणसी से भदऊं चुंगी रोड को रिंग सर्किल में दो तरफ से इस पुल से जोड़ा जाएगा। सिग्नेचर पुल और सर्किल रोड की इस परियोजना पर करीब 100 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान है।
देश के पहले इंटर मॉडल स्टेशन के रूप में प्रस्तावित काशी स्टेशन को विकसित करने की योजना है और इसकी कवायद सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से की जा रही है। इस परियोजना को धरातल पर उतारने से पहले सिग्नेचर ब्रिज से बिहार व पीडीडीयू नगर सहित अन्य शहरों से कनेक्टविटी मजबूत हो जाएगी।

मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि गंगा के 30 मीटर डाउन स्ट्रीम से नए सिग्नेचर ब्रिज के निर्माण का प्रस्ताव है। डबल डेकर सिग्नेचर ब्रिज की डीपीआर तैयार है और शासन से अनुमति के बाद इस परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए सर्वे आदि की प्रक्रिया कराई जा रही है।
विज्ञापन

सवा सौ साल से ज्यादा पुराने राजघाट पुल पर भी दौड़ेंगे वाहन

सवा सौ साल से ज्यादा पुराने राजघाट से पड़ाव के बीच बने मालवीय पुल (डफरिन ब्रिज) के समानांतर बन रहे सिग्नेचर ब्रिज के निर्माण के बाद भी राजघाट पुल पर वाहनों का आवागमन होता रहेगा। इसके साथ ही डाट पुल को चौड़ा करने की योजना है। ताकि वाराणसी से आने वाले रास्ते को सिक्सलेन तक विस्तार दिया जा सके।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें