मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल
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इसके साथ ही वाराणसी से भदऊं चुंगी रोड को रिंग सर्किल में दो तरफ से इस पुल से जोड़ा जाएगा। सिग्नेचर पुल और सर्किल रोड की इस परियोजना पर करीब 100 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान है।
देश के पहले इंटर मॉडल स्टेशन के रूप में प्रस्तावित काशी स्टेशन को विकसित करने की योजना है और इसकी कवायद सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से की जा रही है। इस परियोजना को धरातल पर उतारने से पहले सिग्नेचर ब्रिज से बिहार व पीडीडीयू नगर सहित अन्य शहरों से कनेक्टविटी मजबूत हो जाएगी।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि गंगा के 30 मीटर डाउन स्ट्रीम से नए सिग्नेचर ब्रिज के निर्माण का प्रस्ताव है। डबल डेकर सिग्नेचर ब्रिज की डीपीआर तैयार है और शासन से अनुमति के बाद इस परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए सर्वे आदि की प्रक्रिया कराई जा रही है।
सवा सौ साल से ज्यादा पुराने राजघाट से पड़ाव के बीच बने मालवीय पुल (डफरिन ब्रिज) के समानांतर बन रहे सिग्नेचर ब्रिज के निर्माण के बाद भी राजघाट पुल पर वाहनों का आवागमन होता रहेगा। इसके साथ ही डाट पुल को चौड़ा करने की योजना है। ताकि वाराणसी से आने वाले रास्ते को सिक्सलेन तक विस्तार दिया जा सके।