वाराणसी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से उच्च शिक्षण संस्थानों को 15 अगस्त के बाद खोले जाने पर विचार तो किया जा रहा है लेकिन विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के खुलने के साथ परीक्षाओं पर भी संशय बना हुआ है। बीएचयू समेत अन्य विश्वविद्यालयों में छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं कब होंगी, उनका पैटर्न क्या होगा इस पर अभी कोई फैसला नहीं हो पाया है।
विश्वविद्यालय के अधिकारी फिलहाल लॉकडाउन खत्म होने के बाद ही कुछ बताने की बात कह रहे हैं। बीएचयू के साथ ही महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में अब कार्यालय खुलने के बाद परीक्षा की तैयारी शुरू हो गई है। यहां स्नातक और स्नातकोत्तर के परीक्षाएं कब से कराई जाएंगी, उनका शेड्यूल कब जारी किया जाएगा और परीक्षा में किस तरह के बदलाव होंगे इस पर अभी कोई भी फैसला नहीं हो पा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन इसके पीछे कोरोना संक्रमण से चल रहे लॉकडाउन को मुख्य वजह बता रहा है।
बीएचयू
बीएचयू में छात्र-छात्राओं की सेमेस्टर परीक्षा को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी कोई तिथि निर्धारित नहीं की गई है। परीक्षा नियंता मनोज पांडे के मुताबिक परीक्षाओं को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। उनका कहना है कि जब तक विश्वविद्यालय नहीं खुल जाता है तब तक कुछ भी कहना ठीक नहीं। आने वाले दिनों में नियमानुसार जो उचित कार्यवाही होगी उस पर विचार किया जाएगा।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और उससे संबद्ध महाविद्यालयों में परीक्षाओं को ओएमआर सीट पर कराने की तैयारी तो चल रही है लेकिन अभी इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका है। परीक्षाएं कब और किस तिथि पर कराई जाएंगी इस बारे में कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने बताया कि 30 जून तक चलने वाले लॉकडाउन के कारण अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। विश्वविद्यालय स्तर पर परीक्षा की तैयारी चल रही है।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ला का कहना है कि कोरोना संक्रमण की वजह से चल रहे लॉकडाउन में अभी शासन के निर्देश पर केवल कार्यालय खोले जा रहे हैं, लेकिन छात्र छात्राओं के प्रवेश परीक्षा पर फैसला नहीं हुआ है। शासन के निर्देश के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। अभी कोई तिथि घोषित नहीं की गई है।