डमरू और त्रिशूल के साथ बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक आैर दर्शन-पूजन के लिए निकले विश्वनाथ गली व्यापार मंडल के लोग।
कंकड़-पत्थर से भरे रास्तों से नंगे पांव चलकर पहुंचे लेकिन न चेहरे पर थकान न पांवों के छालों की फिक्र। आस्था और उत्साह से भरे श्रद्धालु बाबा श्री काशी विश्वनाथ की झलक पाने के लिए सड़कों पर उमड़ पड़े। हर तरफ हर हर महादेव और बोल बम के गगनभेदी जयकारे गूंजे तो शिविरों में सेवा भाव के साथ कांवर यात्रा का रंग छाया। रात को जोरदार बारिश के बावजूद घुटने तक पानी में भक्तों की लंबी कतार लगी रही और जयकारे गूंजते रहे। सावन के तीसरे सोमवार पर चहुंदिशि ऐसा ही नजारा था। परिवार कल्याण, मातृ एवं शिशु कल्याण राज्य मंत्री रविदास मेहरोत्रा, महाराष्ट्र के वित्त मंत्री के अलावा कई आला अधिकारियों ने भी हाजिरी लगाई। देर शाम तक 1.50 लाख भक्तों ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया।
ट्रालियों पर शिवालय, टेंपो, ट्रैक्टर पर सजी बाबा भोलेनाथ की झांकियां लेकर लोग निकले तो काशी शिवमय हो गई। कंधे पर रंग-बिरंगी कांवर लिए भोले भक्तों के समूह बोल कांवरिया बोल बम... के जयकारे लगाते हुए बाबा के दरबार की तरफ बढ़े। मंगला आरती से पहले ही जहां लंबी कतार लग गई थी, वहीं इंद्रदेव भी रिमझिम बरसते रहे। रात को हुई झमाझम बारिश के दौरान गोदौलिया, दशाश्वमेध की सड़कों पर घुटने से ऊपर पानी लग गया तो कतारबद्ध भक्त बैरिकेडिंग की बल्लियों पर खड़े नजर आने लगे। भोर में चार बजे मंगला आरती के बाद पट खुले इसके बाद आम भक्त बाबा के दरबार में बढ़ने लगे। दिन के 10 बजे तक 50 हजार भक्तों ने बाबा का जलाभिषेक किया। दोपहर बाद भीड़ का दबाव कम पड़ने लगा। हालांकि लाइन एक तरफ बुलानाला से और दूसरी ओर दशाश्वमेध से गिरजाघर होते हुए लगी थी लेकिन चुस्त इंतजामों के चलते भक्तों को आगे बढ़ने में कोई दिक्कत नहीं हुई। दशाश्वमेध घाट से लेकर चितरंजन पार्क के शिव शक्ति कांवरिया तीर्थयात्री सेवा शिविर तक कांवरियों का रेला इस कदर था कि पैदल भी लोग नहीं चल पा रहे थे। शिविर में कांवर रखने की जगह नहीं बची थी। इसी तरह लक्सा स्थित सिंधी धर्मशाला के काशी विश्वनाथ कांवरिया सेवा शिविर में भी हजारों भक्तों ने पड़ाव डाल दिया था।
रथयात्रा स्थित काशी कांवरिया शिविर में भक्तों की खूब सेवा की गई। इस शिविर में भक्तों के लिए चलाए जाने वाले भंडारे की जिम्मेदारी बैंक ऑफ बड़ौदा के डीजीएम शिशिर भूषण प्रसाद ने उठाई। शिविर के संचालक गोपाल सिंह के निर्देशन में 20 से अधिक सेवादार दिन भर लगे रहे। भक्तों के पैरों पर पानी की फुहार डालने के साथ ही चाय-बिस्किट भी पहुंचाया जाता रहा। इसके अलावा गोदौलिया, बांसफाटक, चौक, नीचीबाग के शिविरों में भक्तों को सुविधाएं मुहैया कराई गईं।
बाबा विश्वनाथ का रुद्राभिषेक सोमवार को काशी विश्वनाथ गली व्यवसाई संघ ने की। इस दौरान संघ के अध्यक्ष लल्लन मिश्रा और उपाध्यक्ष नवीन गिरि के अलावा पीयूष अवस्थी मुन्ना पाठक की अगुवाई में गली के व्यवसायी गंगा जल लेकर बाबा के दरबार पहुंचे और जलाभिषेक किया। इस दौरान त्रिशूल लेकर जाने पर सुरक्षा कर्मियों से हल्की नोकझोंक भी हुई।