कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के रोड शो के दौरान तबीयत खराब होने के दौरान दूसरी शिफ्ट में ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाली महिला डॉक्टर से जवाब तलब किया जाएगा। अमर उजाला की ओर से की गई पड़ताल में सामने आई चौंकाने वाली जानकारियों का संज्ञान लेते हुए अपर निदेशक (स्वास्थ्य) डॉ. विमला सिंह ने सीएमओ को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट दाखिल करने के लिए सीएमओ को सात दिन का समय दिया गया है।
दो अगस्त को वाराणसी में रोड शो के दौरान सोनिया गांधी की तबीयत खराब होने पर उन्हें दिल्ली लौटना पड़ा था। बाद में जब अमर उजाला ने पड़ताल की तो पता चला कि इस दौरान एंबुलेंस में सही उपकरण न रखने, होटल में सोनिया गांधी के जाने के बाद फ्लीट में एंबुलेंस पीछे होने के कारण डॉक्टरों के देर से पहुंचने जैसी गंभीर लापरवाही सामने आई है। अपर निदेशक ने इसकी जांच कराने का फैसला लिया है। जांच के बिंदुओं में रोड शो के दौरान तबीयत खराब होने के बाद होटल ले जाने, उस समय महिला चिकित्सक के न होने, खराब उपकरण एंबुलेंस में रखने, बाबतपुर एयरपोर्ट पर इलाज आदि को शामिल किया गया है। अपर निदेशक ने दावा किया कि स्वास्थ्य विभाग की वीवीआईपी इलाज संबंधी पूरी तैयारियां थी। कहा, फ्लीट में सबसे पीछे एंबुलेंस थी, इस वजह से होटल के पास एंबुलेंस समय से नहीं पहुंच पाई। सवाल उठाया, बीएचयू, मंडलीय अस्पताल, दीनदयाल अस्पताल समेत चार जगहों पर सेफ हाउस बने होने के बावजूद कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को होटल क्यों ले गए? उन्हें नजदीकी सेफ हाउस में ले जाना चाहिए था।