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हर मिनट पास हुए 187 लाख

Thu, 21 Apr 2016 02:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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अगले साल सूबे में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इस साल प्रदेश सरकार का पूरा ध्यान बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने पर है। जिला योजना की बुधवार को 11 बजे से दोपहर दो बजे तक तीन घंटे चली बैठक में सड़क, पेयजल सहित अन्य कार्यों के लिए हर मिनट 187 लाख रुपये जारी किए गए। कबीना मंत्री अहमद हसन की मौजूदगी में विकास भवन में हुई बैठक में जिला योजना 2016-17 के लिए कुल 33694 लाख (तीन अरब 36 करोड़ 94 लाख) रुपये के प्रस्ताव पर मुहर लगी। सबसे अधिक पैसा सड़कों को चमकाने और शुद्ध पेयजल मुहैया कराने पर खर्च होगा। इसके अलावा मत्स्य, दुग्ध, पंचायती राज और वन विभाग समेत 46 विभागों में विकास और रोजगारपरक कार्य कराए जाएंगे। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 32 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 15 होम्योपैथिक चिकित्सालय खोले जाएंगे।
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प्रभारी मंत्री अहमद हसन ने कहा कि जिले में पेयजल की समस्या को दूर करने और सड़कों को दुरुस्त करने के लिए सभी विभागों से आवंटित धन से कटौती की जाएगी। इस दौरान दीनापुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के चलते हैंडपंपों से सीवेज का पानी आने, दीनापुर में स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना करने तथा चोलापुर सीएचसी में बिजली की व्यवस्था न होने का भी मुद्दा उठा। इसके अलावा मारकंडेय महादेव, संदहा तक नहरों के टेल तक पानी नहीं पहुंचने की भी शिकायत हुई। वहीं रमना कूड़ा डंपिंग ग्राउंड में पेड़ लगाने, टूटी बाउंड्री को ठीक कराने पर भी सहमति बनी। बैठक में भगवानपुर से डाफी मार्ग पर चौड़ा करने में तीन मकानों को न तोड़े जाने की भी शिकायत की गई। इसमें एक प्रमुख विद्यालय भी शामिल है। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी की निजी जमीन पर बने मकान को नहीं तोड़ा जा सकता। लोक निर्माण विभाग सात फीट पर लाल निशान लगाए। मंत्री ने निर्देश दिए कि एडीएम और एमडीएम स्तर पर कमेटी गठित कर इस मामले को निस्तारित करें। ताकि आगे का काम हो सके। जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। इस मौके पर डीएम राजमणि यादव सहित जिले के 46 विभागों के प्रमुख शामिल थे।

भाजपा विधायक रवींद्र जायसवाल ने कहा कि जिला योजना के मद से होने वाले सभी कार्यों का बोर्ड लगाया जाए। जो भी काम हो, बोर्ड लगाकर उस पर योजना का नाम, लागत, काम शुरू होने तथा काम समाप्त होने की तिथि, कार्यदायी संस्था का नाम भी अंकित किया जाए। जिससे जनता को भी पता चल सके कि किस योजना के तहत कौन सा काम होना है और कब पूरा होगा।
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