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Fri, 13 May 2016 01:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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श्‍ाताब्दी समारोह में राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी को स्मृति चिह्न भेंट करते बीएचयू के कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी। 
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गुरुवार को विश्वविद्यालय के मुखिया व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी काशी हिंदू विश्वविद्यालय में थे। विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह के तहत आयोजित व्याख्यान में जहां उन्होंने छात्रों को इनोवेशन के लिए प्रेरित किया, वहीं शिक्षकों से आह्वान किया कि वे गुणवत्तापरक शोध पर ध्यान दें। इस अवसर पर कुलसचिव के आग्रह के बाद उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष की स्मृति में 100 रुपये और दस रुपये का सिक्का जारी किया और राष्ट्रपति को भेंट किया।
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राष्ट्रपति ने अपने व्याख्यान में कहा कि महामना ने जिन उद्देश्यों के साथ इस विश्वविद्यालय की परिकल्पना की आज वह यहां पुष्पित पल्लवित हो रहा है। उन्होंने सिर्फ शिक्षित समाज नहीं बल्कि संस्कारित समाज के निर्माण के लिए इस विश्वविद्यालय की नींव रखी। उनका उद्देश्य सिर्फ डाक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक बनाना बल्कि मानवीय मूल्यों को पोषित करने वाले कर्मनिष्ठ लोगों की फौज तैयार करना था। यही इस विश्वविद्यालय की विशिष्टता है। हम महामना के शुक्रगुजार हैं कि उनकी दूरदर्शिता से हमें काशी हिंदू विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थान मिला। विश्वविद्यालय के मुखिया ने वैश्विक चुनौतियों के प्रति आगाह करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ऐसे शोधों पर काम करे जिससे वैश्विक बाजार में हमारी पहचान हो। हमारी पूछ बढ़े। इसके लिए सरकार, प्राइवेट और पब्लिक तीनों सेक्टर को मिलकर काम करना होगा।


समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. कर्ण सिंह ने की। स्वागत कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने किया। संचालन प्रो. पद्मिनी रविंद्रनाथ और धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. केपी उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर खादी ग्रामोद्योग मंत्री ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी भी मौजूद रहे। संगीत एवं मंच कला संकाय की छात्राओं ने कुलगीत की प्रस्तुति दी। इसके पहले डॉ. पतंजलि मिश्रा ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया।
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कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी के आवास पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी रात्रिभोज में शरीक हुए। उनके साथ राज्यपाल राम नाईक, प्रदेश के खादी ग्रामोद्योग मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी भी मौजूद थे। इन विशिष्टजनों के अलावा रात्रिभोज में विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद के सदस्य, विश्वविद्यालय के सभी पांचों संस्थानों के निदेशक, सभी संकाय प्रमुख, काशीराज परिवार के प्रतिनिधि डॉ. अनंत नारायण सिंह, पद्मभूषण छन्नू लाल मिश्र, कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण, आईजी एसके भगत के साथ ही काशी के विशिष्टजन शामिल रहे।


बीएचयू छात्रों के इको क्लब ‘सृष्टि संरक्षणम्’ के सदस्यों से एलडी गेस्ट हाउस में राष्ट्रपति ने मुलाकात की। राष्ट्रपति ने उनके टीम द्वारा किए जा रहे हैं कार्यों की सराहना की। कहा कि युवाओं के अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए इस साल से दिल्ली में इनोवेशन फेयर लगाया जा रहा है। राष्ट्रपति ने मार्च 2017 में लगने वाले इस फेयर में उन्हें आमंत्रित भी किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने बचपन की यादों को क्लब के सदस्यों के साथ साझा किया। बताया कि बचपन में मेरी भी सामाजिक कार्यों में रुचि थी। इस दौरान सृष्टि संरक्षणम् के कोआर्डिनेटर पिंटू कुमार ने उन्हें रोम की तर्ज पर मंदिरों के शहर काशी को विकसित करने का प्रस्ताव भी राष्ट्रपति को दिया। इस टीम में शुभम मिश्रा, राहुल कुमार झा, साक्षी कृति और विनस पांडेय भी शामिल थे।
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