बलिया जिले में 2002 से 2005 के बीच केंद्र सरकार की संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना (एसजीआरवाई) को विफल करते हुए लगभग 30 लाख रुपये (वित्तीय और खाद्यान्न वितरण अनियमितता) के गबन करने के आरोपी रिटायर्ड लोक सेवकों की तलाश की आंच वाराणसी में पहुंच गई है। एसपी ईओडब्ल्यू वाराणसी सत्येंद्र कुमार के निर्देशन में निरीक्षक सुनील कुमार वर्मा ने मिर्जामुराद और कैंट क्षेत्र में गुरुवार को दबिश दी।
मिर्जामुराद निवासी गुलाब प्रसाद और कैंट निवासी मोहम्मद रफीक उस समय जिले बलिया में पूर्ति निरीक्षक के पदों पर कार्यरत थे। उत्तर प्रदेश शासन से हरी झंडी मिलने के बाद ईओडब्ल्यू ने इनकी सरगर्मी से तलाश शुरू की है।
दोनों आरोपी वर्तमान में सेवानिवृत्त होकर ठिकाने बदल-बदल कर रह रहे हैं। इनके खिलाफ बलिया जिले में कई धाराओं और एंटी करप्शन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। उस मामले में कुछ आरोपी पकड़े जा चुके हैं। दबिश टीम में ईओडब्ल्यू के मुख्य आरक्षी संजय सिंह, आरक्षी विनीत पांडे और शशिकांत सिंह की टीम शामिल रही।