नवरात्र में डाक विभाग के वाराणसी रीजन के 188 गांवों में 10 साल तक की बेटियों के खाते खुलवाकर संपूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम घोषित किया गया। शनिवार को पोस्ट मास्टर जनरल (पीएमजी) कृष्ण कुमार यादव ने बेटियों को पासबुक भेंटकर उन्हें सम्मानित किया।
तपोवन शाखा डाकघर में हुए कार्यक्रम में पीएमजी यादव ने कहा कि सुकन्या समृद्धि योजना सिर्फ निवेश का ही माध्यम नहीं है, बल्कि यह बालिकाओं के उज्ज्वल व समृद्ध भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। वाराणसी रीजन में अब तक 1.72 लाख से अधिक बालिकाओं के खाते खुल चुके हैं।
इसमें जमा धनराशि बेटियों की शिक्षा, कैरियर एवं विवाह में उपयोगी होगी। कार्यक्रम में तपोवन आश्रम के महंत दीन बंधु दास, पार्षद वंदना सिंह, सहायक अधीक्षक आरके चौहान, डाक निरीक्षक ब्रजेश कुमार शर्मा, एसपी गुप्ता, अरविंद पांडेय, श्यामलाल प्रसाद, अनिल कुमार, मुंशी राम, चंदन तिवारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
ढाई सौ रुपये से खुल सकता है खाता
वाराणसी पूर्वी मंडल के प्रवर अधीक्षक डाकघर सुमित कुमार गाट ने बता कि किसी भी डाकघर में न्यूनतम 250 रुपये से दस साल तक की बालिकाओं का सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाया जा सकता है। इसमें एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 1,000 और अधिकतम डेढ़ लाख रुपये जमा किये जा सकते हैं।
वाराणसी पश्चिमी मंडल के अधीक्षक राम मिलन ने बताया कि बेटी की उम्र 18 वर्ष होने पर जमा राशि का 50 प्रतिशत व संपूर्ण राशि 21 वर्ष पूरा होने पर निकाली जा सकती है। सहायक निदेशक शम्भू राय ने बताया कि सुकन्या समृद्धि योजना में ब्याज दर 7.6 प्रतिशत है और जमा धनराशि में आयकर छूट का भी प्रावधान है।