काशी में होली का आनंद ही कुछ और है। होली पर रंग के साथ भांग की नानखटाई का मजा लीजिए। 200 से 300 रुपये प्रति किलो की दर से बिकने वाली नानखटाई इसी मौसम में मिलती है। वाराणसी के चौक, गोदौलिया, औरंगाबाद, मंडुवाडीह इलाकों की चुनिंदा दुकानें हैं जहां पर बेची जा रही है। यह उन्हीं ग्राहकों को दी जाती है जो भांग की नानखटाई मांगते हैं।
इसकी डिमांड बाहर तक होती है। भांग की खपत बनारस में सबसे अधिक होती है। भांग की नानखटाई की तरंग से काशीवासी अछूते नहीं रह सकते। देश के विभिन्न हिस्सों की भांग की सीरत अलग अलग होती है। लेकिन उनमें वो बात कहां जो बम-बम भोले के नाम के बनारस के प्याले में होती है। इस बार बनारसी होली में भांग की नानखटाई का लुत्फ उठाया जा सकता है।
इसे बनाने वाले मंडुवाडीह केकारीगर पवन यादव ने कहा कि साल भर केवल होली पर भांग की नानखटाई बिकती है। इसकी तैयारी हम लोग होली से पहले करते हैं। इसे बचाने में आंच पर विशेष ध्यान देना पड़ता है। भांग चूंकि हरा होता है। अधिक आंच पर पकाने पर जलने का खतरा होता है। इसमें पंचमेवा मिलाकर बनाया जाता है। जिससे इसका स्वाद बढ़ जाता है।