एनजीटी की सख्ती के बाद शुरू हो गई कवायद
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असि और वरुणा अपने पुराने स्वरूप में लौटेंगी। पुराने राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार नदियों से अतिक्रमण हटाने के साथ ही प्रदूषण मुक्ति के लिए भी कार्ययोजना तैयार की जाएगी। बुधवार को मॉनिटरिंग कमेटी की पहली ऑनलाइन बैठक में नदी विशेषज्ञों ने असि और वरुणा के पुनरुद्धार के लिए अपने-अपने सुझाव दिए।
बुधवार को हुई ऑनलाइन बैठक में नदी विशेषज्ञों ने कहा कि असि और वरुणा का अतिक्रमण हटाए बिना उनको पुराने स्वरूप में नहीं लौटाया जा सकता है। इसके लिए पुराने राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करनी होगी। वहीं दोनों नदियों में होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए नए सिरे से कार्ययोजना तैयार करनी होगी। इसमें गिरने वाले नालों के ट्रीटमेंट के साथ ही सीवेज बहने से रोकना होगा।
वहीं कुछ विशेषज्ञों ने कहा कि गंगा किनारे बनाए गए सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट गलत तरीके से बनाए गए हैं। इसमें सरकार का पैसा ही बर्बाद हुआ है। एडीएम सिटी गुलाब चंद ने कहा कि एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी गई और उसी पर आज विशेषज्ञों ने अपनी-अपनी राय दी है। बता दें कि अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने एनजीटी में याचिका दायर की थी कि वरुणा और असि के पुनरुद्धार के बिना गंगा को प्रदूषण मुक्त करना मुश्किल है।