तालाबों और पोखरों पर भूमाफिया की टेढ़ी नजर है। इन पर कब्जा करने का खेल चल रहा है मगर प्रशासन बेपरवाह बना हुआ है। मंडुवाडीह इलाके में ही तीन पोखरों पर धड़ल्ले से अवैध कब्जा किया जा रहा है। इमारतें खड़ी होती जा रही हैं। इस पर जिला प्रशासन और राजस्व विभाग की ओर से कोई रोकटोक नहीं है। मंडुवाडीह थाने से चंद कदम की दूरी पर तालाब को तीन तरफ से पाटा जा रहा है लेकिन पुलिस इससे अनजान है। सिर्फ एक ओर सड़क होने के कारण तालाब बचा है। तीन ओर से उसे तेजी से कूड़े और कचरे से पाटा जा रहा है। ऐसे ही चलता रहा तो इसका अस्तित्व खत्म हो जाएगा। तालाब के चारों ओर बने भवनों और पास पड़ोस के मकानों का सीवेज भी इसी तालाब में जाता है।
काशी विद्यापीठ ब्लॉक से करीब 300 मीटर दूर स्थित तालाब पर भी कब्जा किया जा रहा है। प्रशासन और क्षेत्रीय पुलिस की मिलीभगत से तालाबों में कचरे फेंकवाया जाता है। गुमटी या टिन शेड रखकर कब्जा करने के बाद इमारतें खड़ी कर दी जा रही हैं। काशी विद्यापीठ ब्लॉक के पीछे और शिवदासपुर इलाके में दो पोखरों पर भी भूमाफिया की नजर है। ब्लॉक के पास तालाब पर तो कई ओर से कब्जा हो रहा है। खंड विकास अधिकारी एसपी सिंह का कहना कि ब्लॉक के सभी ग्राम पंचायतों से तालाबों के संरक्षण के लिए कार्ययोजना मांगी गई है। जल्द कार्ययोजना की रिपोर्ट तैयार कर संरक्षण के लिए अभियान चलेगा।