एसीपी सारनाथ डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि सारनाथ थानाध्यक्ष विवेक कुमार त्रिपाठी को शुक्रवार की रात सूचना मिली थी कि परशुराम स्थित एक प्लॉट में बने अर्धनिर्मित मकान में तीन लोग मौजूद हैं।
तीनों संदिग्ध प्रतीत हो रहे हैं। इस सूचना पर सारनाथ थानाध्यक्ष ने दरोगा अनिल सिंह चंदेल, अमृत राज व राहुल कुमार यादव सहित अन्य पुलिसकर्मियों के साथ दबिश दी। मौके से पुलिस को चोरी के सामान का बंटवारा करते हुए गौरव, विशाल और हिमांशु मिले। तीनों ने पुलिस को बताया कि विशाल कुमार बाइक से अपना हिस्सा लेने आ रहा है।
गौरव, विशाल और हिमांशु को सारनाथ थाने भेजकर उनके साथी विशाल कुमार को पकड़ने के लिए फरीदपुर अंडरपास के समीप घेराबंदी की गई। बाइक सवार विशाल कुमार आया तो उसे रुकने का इशारा किया गया, मगर उसने फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली उसके दाएं पैर में लगी और वह बाइक लेकर गिर गया।
बीते दो महीने में पांच मकानों में की चोरी
विशाल कुमार ने बताया कि बीते दो महीने में वह और उसके साथियों ने आशापुर, पहड़िया, जेडी नगर कॉलोनी अकथा, न्यू हीरामनपुर कॉलोनी, खजूरी और न्यू कॉलोनी तिलमापुर स्थित पांच घरों में चोरी की थी।
चुराए गए गहनों को गला कर बेचने की जिम्मेदारी हिमांशु की रहती थी। चोरी में मिली नकदी के अलावा अन्य सामानों को वह बेच कर पैसा बराबर-बराबर बांट लेते थे। चोरी का उद्देश्य मौज-मस्ती के लिए पैसा जुटाना है। पुलिस के अनुसार गौरव, हिमांशु और विशाल राजभर पर भी चोरी के आरोप में छह-छह मुकदमे दर्ज हैं।