गौरतलब है कि रविवार रात रिहंद जलाशय में डूबने से हाथी के बच्चे की मौत हो गई थी। बच्चे की मौत के बाद उसकी मां लगभग 16 घंटे पानी में ही खड़ी थी। डीएफओ रेनुकूट एमपी सिंह ने बताया कि हाथियों का झुंड बच्चे की तलाश में डैम किनारे आया था। इस वक्त हाथियों से बच कर रहने की जरूरत है। अगर हाथी भड़के गए तो भारी क्षति कर सकते हैं। सुरक्षा के मद्देनजर विभाग की पूरी टीम लगी है।