उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के एक गांव में शुक्रवार को मां कामाख्या देवी की मूर्ति स्थापना पर हाथी-घोड़े के साथ निकाली गई पालकी यात्रा में भगदड़ मच गई। पालकी यात्रा में शामिल एक हाथी बैंड- बाजे की आवाज से भड़क उठा। बैंड बाजा बजा रहे वृद्ध को सूंड़ से उठाकर पटक दिया। ये नजारा देख यात्रा में लोगों में अफरातफरी मच गई। लोग भाग खड़े हुए। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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- फोटो : अमर उजाला
हाथी का तेवर देख लोग सकते में आ गए। हालांकि हाथी थोड़ी देर में ही स्वतः शांत हो गया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल वृद्ध को इलाज के लिए सीएचसी भेजवाया। वहां से हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल भेजवाया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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चंदौली कोतवाली क्षेत्र के तेनुवट गांव से शुक्रवार को मां कामाख्या देवी की मूर्ति स्थापना पर हाथी-घोड़े के साथ पालकी यात्रा निकाली गई थी। बगैर अनुमति शोभायात्रा निकालने के खिलाफ सीओ त्रिपुरारी पांडेय के निर्देश पर महावत और आयोजक दीपचंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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तेनुवट गांव निवासी दीपचंद के नेतृत्व में बस्ती में मां कामाख्या देवी की मूर्ति स्थापना के लिये हाथी घोड़ा के साथ ग्रामीणों की ओर से निकाली गई शोभा यात्रा में पीडीडीयू नगर के हृदयपुर गांव निवासी श्यामलाल (60) बैँडबाजा बजा रहा था। शोभा यात्रा डगरिया सरकार के आश्रम से लौटकर चतुर्भुजपुर कस्बा पहुंची।
इस दौरान बैंड बाजे के साथ नाच रहे लोग बार- बार हाथी के सामने आ जा रहे थे। अचानक हाथी ने बैंडबाजा बजा रहे वृद्ध को उठाकर पटक दिया। इसके बाद शोभा यात्रा में अफरा तफरी मच गई। सूचना पाकर पहुंचे सीओ ने घायल को अस्पताल भेजवाया। अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।