कटौती मुक्त बिजली देने के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। 24 घंटे आपूर्ति का दावा करने वाले विभाग की ओर से शहरी क्षेत्र में औसतन 21 से 22 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 18 से 20 घंटे ही आपूर्ति की जा रही है। लोकल फाल्ट और उपकरण सेविंग के नाम पर शहर में दो से तीन घंटे की कटौती की जा रही है। इससे जनता की परेशानी बढ़ गई है।
बिजली कटौती से उमस भरी गर्मी में इंवर्टर भी जवाब दे रहे हैं। विभाग को अंडर ग्राउंड केबल फाल्ट ढूंढने में चार से पांच घंटे लग जा रहे हैं। हाल ही में फुलवरिया फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान बिजली विभाग को फाल्ट ढूंढने में आठ घंटे लग गए थे। इससे पहले सारनाथ क्षेत्र के अंडरग्राउंड केबल में खराबी आने से लोगों को 10 घंटे से अधिक समय अंधेरे में गुजारना पड़ा था। बृहस्पतिवार को महेशपुर बाटा मोड़ पंचायत भवन के पास जंफर जोड़ने में बिजली कर्मियों को 25 मिनट लग गए थे। नितेश राय, पिंटू आदि ने बताया कि बृहस्पतिवार को शिवदासपुर में पोल पर आई गड़बड़ी ठीक की गई तो ट्रांसफार्मर से बिजली ट्रिप हो गई। जिसके चलते कम से कम तीन घंटे की कटौती देर रात की गई। उधर, सिगरा उपकेंद्र के सोनिया पोखरे के समीप ट्रांसफार्मर में सुबह गड़बड़ी आ गई जिसके चलते एक घंटे की कटौती की गई। नगवां निवासी शिवम ने बताया कि अघोषित बिजली कटौती के चलते रात में पढ़ाई करना मुश्किल हो गया है।
ट्रिपिंग के चलते हो रही कटौती, किसान परेशान
ग्रामीण क्षेत्रों में भी ट्रिपिंग ने किसानों की समस्या बढ़ा दी है। जक्खिनी फीडर से जुड़े तमाम गांव आंधी तूफान के दिनों में काफी परेशानी का सामना करते हैं। क्षेत्रीय उपभोक्ताओं का कहना है कि जरा भी तेज हवा चलती है तो ट्रिपिंग के नाम पर घंटों कटौती की जाती है। जिसके चलते किसानों को खेतों की सिंचाई करने में परेशानी होती है। रोहनियां क्षेत्र में ट्रिपिंग की समस्या बढ़ गई है। जक्खिनी, जयापुर, नरसड़ा, टोडरपुर फीडर में भी ट्रिपिंग की समस्या बढ़ी है। नीरज पांडेय, सर्वजीत उपाध्याय, नीलरतन मिश्र, किशन जायसवाल पप्पू विश्वकर्मा, रोहित मोदनवाल आदि ने बताया कि ट्रिपिंग सेे समस्या बढ़ गई है।