शहर में घट गए 786 कर्मचारी, बढ़ेगी समस्या
इस समय जिले में करीब 8.50 लाख उपभोक्ता हैं। पहले संविदा कर्मियों की संख्या 2925 थी, अब इसको कम कर 2155 कर दिया गया है।पहले शहर में बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए 2025 संविदा कर्मचारी तैनात किए गए थे। अब जबकि उपभोक्ताओं की संख्या भी बढ़ती जा रही हैं। इसके बाद भी शहर में कर्मचारियों को हटाकर 1239 कर दिया गया है। शहर में ही 786 कर्मचारियों को एक साल में हटा दिया गया है।
एमडी कार्यालय पर आज धरना देंगे कर्मचारी
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से आए दिन कर्मचारियों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सोमवार को भिखारीपुर स्थित प्रबंध निदेशक कार्यालय पर धरना देने का निर्णय लिया गया है। समिति के मीडिया सचिव/ प्रभारी अंकुर पांडेय ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन का बिजली कर्मचारियों, अभियंताओं के प्रति मनमाना रवैया प्रदेश की बिजली व्यवस्था को गंभीर संकट की ओर धकेल रहा है।
पिछले साल से 210 मेगावाट बढ़ी खपत
जिले में बिजली आपूर्ति की खपत हर दिन बढ़ती जा रही है। पिछले साल की तुलना में इस साल खपत बहुत ज्यादा बढ़ी है। 23 मई का दिन सर्वाधिक बिजली खपत वाला दिन रहा। इसमें 23 मई 2025 को जहां 715 मेगावाट खपत हुई थी। वहीं, इस साल 23 मई 2026 को यह आंकड़ा 925 तक पहुंच गया। यानी कि पिछले साल से 210 मेगावाट बढ़ा है। खपत आगामी दिनों में 950 तक होगी।