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Electricity Crisis: 22 हजार ट्रांसफॉर्मर की निगरानी कर रहे 2155 लाइनमैन, 8.5 लाख उपभोक्ता हो रहे परेशान

Mon, 25 May 2026 04:01 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: जिले में बढ़ती बिजली खपत और कर्मचारियों की कमी से बिजली संकट गहराता जा रहा है। 8.50 लाख उपभोक्ताओं के लिए 22 हजार ट्रांसफॉर्मरों की जिम्मेदारी सिर्फ 2155 कर्मचारियों पर है, जिससे ट्रिपिंग और फॉल्ट की समस्या बढ़ रही है। शहर और गांवों में घंटों कटौती हो रही है। पिछले साल के मुकाबले बिजली खपत 210 मेगावाट बढ़कर 925 मेगावाट पहुंच गई है, जबकि कर्मचारी लगातार कम किए जा रहे हैं।
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वाराणसी में अस्थायी ट्रांसफॉर्मर। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Electricity Crisis in UP: जिले में बिजली का संकट रोजाना गहराता जा रहा है। जिले में कुल 8.50 लाख उपभोक्ता है। यहां लगे 22 हजार ट्रांसफॉर्मरों की निगरानी की जिम्मेदारी 2155 कर्मचारियों पर है। इससे बिजली संबंधी समस्याएं हल नहीं हो पा रही हैं। कभी उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन समीक्षा कर रहे हैं तो कभी ऊर्जा मंत्री एके शर्मा अधिकारियों के साथ बैठक कर समस्या का तत्काल समाधान करवाने को कह रहे हैं। इसके बाद भी स्थिति यह है कि ट्रांसफॉर्मर, तार जलने के बाद उसको लगाने में शहर में ही 8 घंटे का समय लग रहा है। 

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रविवार को भी शहर से लेकर गांव तक खूब ट्रिपिंग हुई। बिजली न होने से सबसे ज्यादा संकट रात में लोगों को झेलना पड़ रहा है। पिछले छह दिन से शहर के बीच चेतगंज, नदेसर, चौकाघाट, महमूरगंज आदि इलाकों में खूब कटौती हो रही है।

वहीं रविवार को शाम 6 बजे रामनगर उपकेंद्र के अयोध्या फीडर के तहत लगे 400 केवीए ट्रांसफॉर्मर के पास लगी एबीसी केबल में आग लग गई। इससे 100 से ज्यादा घरों में बिजली गुल हो गई। 

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शहर में घट गए 786 कर्मचारी, बढ़ेगी समस्या
इस समय जिले में करीब 8.50 लाख उपभोक्ता हैं। पहले संविदा कर्मियों की संख्या 2925 थी, अब इसको कम कर 2155 कर दिया गया है।पहले शहर में बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए 2025 संविदा कर्मचारी तैनात किए गए थे। अब जबकि उपभोक्ताओं की संख्या भी बढ़ती जा रही हैं। इसके बाद भी  शहर में कर्मचारियों को हटाकर 1239 कर दिया गया है। शहर में ही 786 कर्मचारियों को एक साल में हटा दिया गया है।

एमडी कार्यालय पर आज धरना देंगे कर्मचारी
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से आए दिन कर्मचारियों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सोमवार को भिखारीपुर स्थित प्रबंध निदेशक कार्यालय पर धरना देने का निर्णय लिया गया है। समिति के मीडिया सचिव/ प्रभारी अंकुर पांडेय ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन का बिजली कर्मचारियों, अभियंताओं के प्रति मनमाना रवैया प्रदेश की बिजली व्यवस्था को गंभीर संकट की ओर धकेल रहा है।
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पिछले साल से 210 मेगावाट बढ़ी खपत
जिले में बिजली आपूर्ति की खपत हर दिन बढ़ती जा रही है। पिछले साल की तुलना में इस साल खपत बहुत ज्यादा बढ़ी है। 23 मई का दिन सर्वाधिक बिजली खपत वाला दिन रहा। इसमें 23 मई 2025 को जहां 715 मेगावाट खपत हुई थी। वहीं, इस साल 23 मई 2026 को यह आंकड़ा 925 तक पहुंच गया। यानी कि पिछले साल से 210 मेगावाट बढ़ा है। खपत आगामी दिनों में 950 तक होगी। 
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