वाराणसी स्थिति डीजल रेल इंजन कारखाना द्वारा निर्मित सौवें विद्युत रेल इंजन डब्ल्यूएपी-7 शतक को राष्ट्र को समर्पित किया गया। इस दौरान महाप्रबंधक ने रेल इंजन के ड्राइवर कैब का निरीक्षण कर उसकी खूबियों के बारे में जाना और कहा कि आगामी दिनों में डीरेका 55 से 60 रेल इंजन प्रतिमाह उत्पादन करने में सक्षम होगा।
रेलवे बोर्ड के सदस्य घनश्याम सिंह, महाप्रबंधक रश्मि गोयल और जनवरी महीने में सेवानिवृत्त होने वाले सात कर्मचारियों ने सौवें विद्युत इंजन को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान घनश्याम सिंह ने डीरेका कर्मियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं दी।
डीरेका ने हरित ऊर्जा को आगे बढ़ाते हुए विद्युत रेल इंजन के उत्पादन का शतक पूरा किया है। इससे सिद्ध होता है कि यह उत्पादन इकाई विदेशों पर निर्भर न रह कर रेल इंजन उत्पादकता में विश्व की अग्रणी उत्पादन इकाई के रूप में उभर रही है।