वाराणसी। बीमार और सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी मंतोष चक्रवर्ती से 54 लाख रुपये की डिजिटल धोखाधड़ी हुई है। केयरटेकर अभिषेक पाल और 25 साल पुराने सहयोगी शंभू प्रसाद सिंह पर ठगी का आरोप है। आरोपियों ने बुजुर्ग की बीमारी और लाचारी का फायदा उठाकर उनके बैंक खातों से यूपीआई के माध्यम से यह राशि निकाल ली। पीड़ित बुजुर्ग की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ दशाश्वमेध थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह धोखाधड़ी 14 अक्तूबर 2025 से 13 जून 2026 के बीच हुई।
मंतोष चक्रवर्ती ने पुलिस को बताया कि वह अविवाहित हैं और गंभीर बीमारी के कारण चलने-फिरने में असमर्थ हैं। अक्तूबर 2025 में स्वास्थ्य खराब होने पर उन्हें महमूरगंज के अरुणोदय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में उनकी देखभाल के लिए एक एजेंसी के माध्यम से भदोही के खेतालपुर दिहावा निवासी अभिषेक पाल को केयरटेकर के रूप में रखा गया था। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी अभिषेक सेवा में लगा रहा। इस धोखाधड़ी में केयरटेकर अभिषेक पाल के साथ शंभू प्रसाद सिंह भी शामिल हो गया। शंभू प्रसाद सिंह 25 साल से घर पर रह रहा था। दोनों आरोपियों ने मेरा मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया। बैंक ऑफ बड़ौदा और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खातों से लगातार अलग-अलग दिनों में 54 लाख रुपये ट्रांसफर किए। एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान ने बताया कि जांच की जा रही है।