अहमदाबाद से दर्शन-पूजन करते हुए घर आया था बड़ा भतीजा
- भदैनी निवासी परिवार के पांच लाेगों की हत्या में पुलिस के हाथ सातवें दिन भी खाली
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। भदैनी निवासी एक परिवार के पांच लोगों की हत्या के मामले में पुलिस द्वारा आरोपी माना जा रहा बड़ा भतीजा विशाल गुप्ता उर्फ विक्की तीर्थस्थलों में पूजा-पाठ करते हुए घर आया था। पुलिस को विशाल के केदारनाथ, बद्रीनाथ और जम्मू जाने से संबंधित साक्ष्य मिले हैं। दर्शन-पूजन के बाद विशाल दीपावली से पहले घर आया था। हालांकि वारदात के सातवें दिन सोमवार को भी पुलिस यह पता नहीं लगा सकी कि विशाल आखिरकार छिपा कहां है।
भेलूपुर थाना क्षेत्र के भदैनी निवासी राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, उसकी पत्नी नीतू और तीन बच्चों नमनेंद्र, सुबेंद्र व गौरांगी का शव गत पांच नवंबर को उनके घर में मिला था। पांचों की गोली मार कर हत्या की गई थी। वारदात के बाद से ही राजेंद्र के छोटे भाई कृष्णा का बड़ा बेटा विशाल लापता है। वहीं, विशाल का छोटा भाई जुगनू पुलिस की निगरानी में है। विशाल की तलाश में पुलिस टीमें मुंबई, अहमदाबाद, बंगलूरू, दिल्ली और तमिलनाडु तक गईं, लेकिन उसका कहीं पता नहीं लगा। इस संबंध में डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने कहा कि विशाल की तलाश पुलिस टीमें सरगर्मी से कर रही हैं। पूरी उम्मीद है कि वह जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होगा।
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राजेंद्र के साथ उसका बड़ा बेटा भी मारता था विशाल को
वृद्धा शारदा देवी ने सोमवार को बताया कि उनके बड़े बेटे राजेंद्र के साथ उसका बड़ा बेटा नमनेंद्र भी विशाल की अकारण ही पिटाई करता था। छोटे बेटे कृष्णा और छोटी बहू बबिता की हत्या के बाद उनके तीनों बच्चों को राजेंद्र की पढ़ाई-लिखाई राजेंद्र ने कराई। मगर, तीनों बच्चों के साथ राजेंद्र का बरताव अच्छा नहीं था। राजेंद्र उनके साथ भी मारपीट करता था। इसलिए वह चुप रहती थी। मगर, उन्होंने छोटे बेटे के तीनों बच्चों को अपना बच्चा समझ कर परवरिश की।
दोनों पोते होंगे संपत्ति के हिस्सेदार
राजेंद्र करोड़ों की अचल संपत्ति का मालिक था। 10 लाख रुपये से ज्यादा प्रतिमाह उसके पास किराया आता था। शारदा देवी ने कहा कि अब उनके खानदान में उनके दो पोते विशाल और जुगनू बचे हैं। उनके दोनों पोते ही उनके परिवार की चल-अचल संपत्ति के हिस्सेदार होंगे। दोनों पोते समझदार हैं और वह सब कुछ अच्छे से संभाल लेंगे।