घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 17 मार्च 2026 को आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद सभी आरोपियों ने वाराणसी की ट्रायल कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की, लेकिन अदालत ने एक अप्रैल को उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद आरोपियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया।
सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से अदालत में एफिडेविट दाखिल कर अपने कृत्य पर माफी मांगी गई। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने राहत देते हुए आठ आरोपियों की जमानत मंजूर कर ली। न्यायमूर्ति राजीव लोचन शुक्ला की पीठ ने मोहम्मद आजाद अली, मोहम्मद तहसीम, निहाल अफरीदी, मोहम्मद तौसीफ और मोहम्मद अनस को जमानत दी। वहीं न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की पीठ ने मोहम्मद समीर, मोहम्मद अहमद रजा और मोहम्मद फैजान की जमानत मंजूर की। मामले में अभी छह आरोपियों को जमानत नहीं मिल सकी है।