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शिक्षा माफियाओं को रात में लग गई थी डिप्टी सीएम के आने की भनक

Tue, 06 Feb 2018 11:43 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,जौनपुर
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उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के जौनपुर आने की भनक सोमवार रात में ही शिक्षा माफियाओं को लग गई थी। जौनपुर पुलिस लाइन में जब उनका उड़न खटोला सुबह उतरा और वह बाहर आए तो अपने स्वागत में खड़े विधायकों और नेताओं देखकर सवाल किया कि आप लोगों को सूचना किसने दी।
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वह किस क्षेत्र में जाने वाले हैं इस बात का भी अंदाजा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने लगा लिया था। उनके पहुंचने से पहले ही शिक्षा विभाग के एक आला अफसर ने केंद्र व्यवस्थापकों को फोन कर अलर्ट कर दिया। यही कारण है कि सब कुछ ठीक ठाक मिला। एक स्कूल ने तो चूना भी गिराकर उनके आने का संकेत साफ कर दिया था।

बोर्ड परीक्षा में नकल को लेकर सरकार भले ही गंभीर है लेकिन प्लानिंग ठीक तरह से तैयार नहीं की गई है। उत्तर पुस्तिकाओं के मिलने के बाद जौनपुर की चर्चा प्रदेश स्तर पर होने लगी है। वैसे तो बदलापुर इलाका नकल माफियाओं का गढ़ है। डिप्टी सीएम को इस गढ़ में जाना चाहिए लेकिन उन्होंने ऐसे केंद्रों का निरीक्षण जो पिच सड़क पर हैं। बकायदे उनके पहुंचने से पहले हूटर बजाए गए।
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हूटर की आवाज सुनकर परीक्षार्थी भी अलर्ट हो गए। शायद यही वजह थी कि सभी केंद्रों पर सब कुछ ठीक-ठाक मिला। सूत्रों की माने तो रात में ही माफियाओं ने परीक्षा ड्यूटी लगे अध्यापकों को फोन कर चेता दिया कि डिप्टी सीएम आ रहे हैं।

कहीं कोई कमी न रह जाए इसकी पूरी तैयारी हो जानी चाहिए। दिखा भी ऐसा। कोई भी छात्र न तो पकड़ा गया और न ही कोई अध्यापक पकड़ में आए। परीक्षा में बोलकर कई सेंटरों पर लिखवाया गया। बावजूद इसके डिप्टी को सब कुछ ठीक-ठीक दिखा।

शासन के रडार पर है जौनपुर

exam - फोटो : अमर उजाला
माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की नकली उत्तर पुस्तिका जौनपुर में मिलने से परीक्षा को लेकर जौनपुर पर शासन की विशेष नजर है। ऐसा माना जा रहा है कि जौनपुर जनपद समेत प्रदेश के अन्य जिलों में भी नकल माफियाओं का गिरोह यहीं से संचालित होता है।

यही वजह है कि परीक्षा केंद्रों का जायजा लेने मंगलवार को खुद डिप्टी सीएम डॉक्टर दिनेश शर्मा अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल को लेकर आए।
जिले में 567 से अधिक विद्यालय हैं। जिसमें 241 को परीक्षा केंद्र बनाया गया। यहां के कुछ विद्यालय संचालक छात्रों को टाप कराने का ठेका लेते हैं। उन्होंने कुछ छात्रों को टाप कराकर अपनी दुकानदारी भी चमका ली है।

कई ऐसे शिक्षा माफिया हैं जो बाहर के छात्रों का फार्म भरवाकर पास कराते हैं। यही कारण है कि यहां आसपास के जिलों के अलावा नेपाल से भी छात्र आते हैं। उत्तरपुस्तिका छपवाने वाला प्रबंधक लंबे समय से इस धंधे में जुटा था। वैसे उसकी गिरफ्तार के बाद ही पूरी खेल का खुलासा हो सकेगा।
 
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परीक्षा केंद्रों पर पत्रकारों को जाने से रोका

exam - फोटो : अमर उजाला
बोर्ड परीक्षा में परीक्षा के दौरान फोटो खींचने को लेकर कई परीक्षा केंद्रों पर झड़प हुई। जिला विद्यालय निरीक्षक का कहना है कि कोई भी फोटोग्राफर, पत्रकार परीक्षा केंद्र के अंदर नहीं जा सकते। ऐसा सचिव माध्यमिक शिक्षा का निर्देश है।

मंगलवार को सुबह की पाली में हाईस्कूल गृह विज्ञान और इंटरमीडिएट साहित्यिक हिंदी की परीक्षा थी। कुछ केंद्रों पर पत्रकार फोटो कवरेज के लिए परीक्षा कक्ष में जाकर फोटो खींचना चाहते थे। लेकिन उन्हें परीक्षा कक्ष में जाने से रोक दिया गया। जिसे लेकर थानागद्दी क्षेत्र के कृषक इंटर कालेज, बरईपार इलाके सहित कई केंद्रों पर झड़प हुई।

केंद्र व्यवस्थापकों ने इस संबंध में अधिकारियों को लिखित प्रतिवेदन भी दिया है। जिला विद्यालय निरीक्षक उमेश शुक्ल का कहना है कि जो अफसर व्यवस्था में लगे हैं। सिर्फ वही फोटोग्राफी कर सकते हैं। इनके अलावा किसी को भी केंद्र के अंदर जाने का अधिकार नहीं है। अगर कोई जबर्दस्ती करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई केंद्र व्यवस्थापक करा सकते हैं। उधर इस बात को लेकर पत्रकारों में आक्रोश है।
 
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