महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति दूरदृष्टि वाली नीति है। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए अध्यापक की ईमानदारी और समर्पण आवश्यक है। वह हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज की ओर से राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर आयोजित वेबिनार को संबोधित कर रहे थे।
प्रो. सिंह ने कहा कि इस शिक्षा नीति में प्राचीन भारतीय संस्कृति को महत्व दिया गया है। भारत के निर्माण के लिए अध्यापक को अपनी प्राचीन धरोहरों को भी जानना होगा और नवीन ज्ञान विज्ञान का भी ध्यान रखना होगा। गया से प्रो. कौशल किशोर ने अध्यापक शिक्षा के प्रचलित और भावी मॉडल के स्वरूप पर विचार व्यक्त किए। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से प्रो. प्रेम नारायण सिंह, यूपी कॉलेज से डॉ. रमेश धर द्विवेदी, काशी विद्यापीठ से डॉ. शैलेंद्र वर्मा, बरेली से डॉ. अनिता सिंह, जननायक विश्वविद्यालय बलिया से डॉ. देवेंद्र सिंह ने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. ज्योत्सना चतुर्वेदी और संचालन डॉ. अनुराधा राय ने किया।